अमेरिका का फैलाया रायता साफ नहीं करेगा जर्मनी! ट्रंप के होर्मुज प्लान में शामिल नहीं होने के दिए संकेत

US-Iran War: जर्मनी ने होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य मिशन में भाग लेने से इनकार किया, विदेश मंत्री वेडफुल ने कहा कूटनीति और बातचीत ही समाधान हैं, जबकि अमेरिका गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है।
Germany Rejects Trump Strait of Hormuz Plan
जर्मनी ने होर्मुज स्ट्रेट में संभावित सैन्य मिशन से इनकार किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Germany Rejects Trump Strait of Hormuz Plan: जर्मनी ने होर्मुज स्ट्रेट में संभावित सैन्य मिशन में भाग लेने से इनकार कर दिया है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने ARD टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि फिलहाल बर्लिन इस क्षेत्र में कोई सक्रिय सैन्य भूमिका नहीं निभाएगा। उन्होंने कहा, "क्या हम जल्द ही इस संघर्ष का हिस्सा बनेंगे? नहीं।"

वेडफुल ने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा केवल बातचीत और कूटनीतिक उपायों से ही सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यूरोपीय संघ के मौजूदा नौसैनिक मिशन ‘ऑपरेशन एस्पाइड्स’ का भी उल्लेख किया और इसके प्रभावशील होने पर संदेह जताया। वेडफुल ने कहा कि इसे होर्मुज तक विस्तार करने की संभावना कम है।

 क्या है ऑपरेशन एस्पाइड्स?

ऑपरेशन एस्पाइड्स फरवरी 2024 में शुरू किया गया था और इसका उद्देश्य लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा व्यावसायिक जहाजों पर हमलों से सुरक्षा प्रदान करना है। यह मिशन रक्षात्मक ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार संचालित होता है। लेकिन वेडफुल ने ARD को बताया कि यह मिशन अपने वर्तमान क्षेत्र में भी पूरी तरह प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि यूरोप समुद्री मार्गों की सुरक्षा में हमेशा रचनात्मक सहयोग करता है, लेकिन मुझे अभी इसकी कोई तत्काल आवश्यकता नहीं दिखती और न ही जर्मनी के लिए इसमें भाग लेने की कोई संभावना है।"

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिती तनावपूर्ण

जर्मनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20-30 प्रतिशत संभालता है। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य अभियान के तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं, खासकर परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बनाया है, लेकिन जर्मनी ने इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाए रखी है।

ट्रंप ने सात देशों से मांगी मदद

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लगभग सात देशों से अनुरोध किया है, जो मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर हैं, कि वे होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के लिए गठबंधन में शामिल हों। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि देश आगे आएं और अपने इलाके की सुरक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना इलाका है।" ट्रंप ने यह भी कहा कि यह मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है क्योंकि उसके पास अपने तेल स्रोत मौजूद हैं।