गाजा में इजरायली एयरस्ट्राइक, मलबे में तब्दील हुई अल-मुत्ताकीन मस्जिद; हमास के हथियार डिपो होने का दावा

Gaza Mosque Attack: इजरायली सेना ने गाजा सिटी में स्थित अल-मुत्ताकीन मस्जिद को हवाई हमले में उड़ा दिया है। इजरायल का दावा है कि हमास यहां हथियार जमा कर रहा था, जबकि फिलिस्तीन ने इसे गलत बताया है।
Israeli airstrike in Gaza reduces Al-Muttaqin Mosque to rubble; alleged to have been a Hamas weapons depot.
गाजा में इजरायल ने किया अल-मुत्ताकीन मस्जिद पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Gaza Mosque Attack News: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच एक बार फिर धार्मिक स्थलों के निशाना बनने से तनाव चरम पर पहुंच गया है। बुधवार, 29 जुलाई 2026 को इजरायली वायुसेना ने गाजा पट्टी के उत्तरी हिस्से में स्थित ऐतिहासिक अल-मुत्ताकीन मस्जिद पर घातक हवाई हमला किया।

इस हमले में मस्जिद की इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई है। हमले के दौरान आसमान में आग की लपटें और धुएं का विशाल गुबार देखा गया, जिसने आसपास के विस्थापितों के शिविरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

मस्जिद में छिपा था हथियारों का जखीरा

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक बयान जारी किया है। सेना का दावा है कि हमास इस मस्जिद का इस्तेमाल हथियार भंडारण केंद्र के रूप में कर रहा था। आईडीएफ के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में उत्तरी और मध्य गाजा में हमास के ऐसे कई गुप्त ठिकानों को ध्वस्त किया गया है, जिन्हें रिहायशी और धार्मिक स्थलों के भीतर बनाया गया था।

इजरायल का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल उनके सैनिकों के खिलाफ किया जाना था और हमले से पहले स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी गई थी।

झूठे बहानों से तबाह किए जा रहे स्थल

दूसरी ओर, गाजा पट्टी के धार्मिक मामलों और वक्फ मंत्रालय ने इजरायल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय के महानिदेशक आमिर अबू अल-अमरैन ने कहा कि इजरायली सेना सैन्य ठिकानों की मौजूदगी के झूठे बहाने बनाकर मस्जिदों और पवित्र स्थलों को निशाना बना रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।

मलबे में अपनों को तलाशते लोग

वहां मौजूद लोगों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के टेंटों में शरण लिए हुए विस्थापितों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद लोग मलबे के ढेर में अपने सामान और अपनों की तलाश करते नजर आए। अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद गाजा में हिंसा का दौर थमता नहीं दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस समझौते के बाद से अब तक 1,207 लोगों की मौत हो चुकी है।

धार्मिक स्थलों को पहुंच रहा है भारी नुकसान

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को (UNESCO) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक गाजा की 164 महत्वपूर्ण जगहों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 14 धार्मिक स्थल हैं जो पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं। वर्तमान में शांति वार्ता रुकी हुई है और गाजा के नागरिक हर पल हवाई हमलों के साये में जीने को मजबूर हैं।

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