गाजा में शांति के बीच यमन से नया संकट, तेल से भरे जहाज में लगी आग, मची चीख-पुकार

Yemen Houthi News in Hindi: यमन के पास अदन की खाड़ी में एक ब्रिटिश जहाज पर अनजान प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। हूथी विद्रोहियों ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
गाजा में शांति के बीच यमन से नया संकट, तेल से भरे जहाज में लगी आग, मची चीख-पुकार
यमन के पास जहाज में लगी आग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Israel-Palestine Conflict: गाजा में इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता हो गया है। इसके बाद भी यमन के हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करना बंद नहीं किया है। इस बीच ब्रिटिश मिलिट्री के एक जहाज पर यमन के पास अदन की खाड़ी में आग लग गई है। हालांकि, अभी ये नहीं बताया गया है कि यह कोई आतंकी हमला था या नही।

ब्रिटिश मिलिट्री ने इसे लेकर एक बयान जारी करते हुए कहा कि, शानिवार को यमन के पास अदन की खाड़ी में एक जहाज में अचानक किसी चीज से टकराने की वजह से आग लग गई। बयान में बताया गया है कि ये आग तब लगी जब किसी अनजान चीज (प्रोजेक्टाइल) ने जहाज को टक्कर मारी। जहाज के कर्मचारी (क्रू) उसे छोड़ने की तैयारी कर रहे थे।

हूथियों ने नहीं ली जिम्मेदारी

ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब यमन के हूथी विद्रोही रेड सी (लाल सागर) के रास्ते से जाने वाले जहाजों पर हमले कर रहे हैं। हालांकि, हूथियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पहले भी उन्होंने कई बार हमले की ज़िम्मेदारी देर से ली है।

ब्रिटिश मिलिट्री के यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन (UKMTO) ने बताया कि ये हमला अदन से करीब 210 किलोमीटर दूर हुआ। उन्होंने कहा कि एक अनजान प्रोजेक्टाइल से जहाज को टक्कर लगी और उसमें आग लग गई। अभी अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।

एक समुद्री सुरक्षा कंपनी "एम्ब्रे" ने बताया कि यह एक टैंकर था जो कैमरून का झंडा लिए हुए था और सोहर (ओमान) से जिबूती जा रहा था। रेडियो मैसेज से पता चला कि क्रू जहाज छोड़ने की तैयारी में था और बचाव का काम शुरू हो गया था। यह जहाज शायद फाल्कन नाम का टैंकर था, जो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जा रहा था।

जहाज का मालिक भारतीय

इस जहाज को पहले एक अमेरिकी संस्था "यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान" ने एक ऐसे जहाज के तौर पर पहचाना था जो ईरान के लिए गुप्त रूप से तेल ले जाता है, भले ही उस पर अंतरराष्ट्रीय पाबंदी हो। इस जहाज के मालिक और ऑपरेटर भारत में बताए गए हैं।

हूथी विद्रोहियों ने इजराइल-हमास युद्ध के दौरान शिपिंग और इजरायल पर हमले किए थे। उनका कहना था कि वे इजरायल को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करना चाहते थे। लेकिन 10 अक्टूबर को जब युद्धविराम (सीजफायर) हुआ, उसके बाद से उन्होंने किसी भी नए हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

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