SCO Summit : 3 शैतानों पर प्रहार करने की बात से बौखलाया पाकिस्तान, बंद कर दी विदेश मंत्री की Live स्पीच

जब विदेश मंत्री अपना भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के टेलीविजन में समिट का लाइव प्रसारण बंद कर दिया था। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इस संगठन के सफल होने में पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ आड़े आ सकता है। इन दोनों को आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद जैसे तीन शैतानों पर प्रहार करना होगा।
SCO Summit : विदेश मंत्री एस. जयशंकर की नजर में ये हैं 3 शैतान, पाकिस्तान में बंद हो गयी उनकी Live स्पीच
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर SCO Summit के दौरान (डिजाइन फोटो-,सौ. से सोशल मीडिया)
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इस्लामाबाद : SCO Summit में भाग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन पर 3 शैतानों को लेकर निशाना साधा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर पाकिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान एक दूसरे के सम्मान और संप्रभुता का ध्यान देने की भी नसीहत दे डाली। विदेश मंत्री ने आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद जैसे तीन शैतानों को लेकर ठोस व संयुक्त नीति बनाने की बात रखी।

शंघाई शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बिना संकेतों में इस बात का ऐलान कर दिया कि इन दोनों देशों को तीन शैतानों से कोई समझौता नहीं करना चाहिए। अगर ऐसा करते हैं तो इससे उनका सम्मान और संप्रभुता प्रभावित होगी और क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता पर असर पड़ेगा। दोनों देशों को एकतरफा एजेंडा छोड़कर शंघाई शिखर सम्मेलन के उद्देश्य और समझौते के अनुसार आचरण करना चाहिए।

आपको बता दें कि जब विदेश मंत्री अपना भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के टेलीविजन में समिट का लाइव प्रसारण बंद कर दिया था। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इस संगठन के सफल होने में पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ आड़े आ सकता है। इन दोनों को आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद जैसे तीन शैतानों पर प्रहार करना होगा।

भारतीय विदेश मंत्री में पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बगैर अपनी पूरी बात रखी और उन्होंने कहा कि सदस्य देशों का सहयोग परस्पर सम्मान और संप्रभु समानता पर आधारित होनी चाहिए। यह जरूरी है कि सभी देश क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देते हुए काम करें। इसके लिए वास्तविक साझेदारी का निर्माण होना चाहिए। साथ ही सदस्य देशों को अपने एक पक्षी के एजेंडे को छोड़कर ही समिट के उद्देश्यों के अनुरुप आगे बढ़ना चाहिए।

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