रूस में स्वाइन फ्लू (H3N2) वायरस का मिला पहला केस, जाने इससे पहले कब मिला था यह वायरस?

Swine Flu
सांकेतिक फोटो
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मॉस्को: कोरोना (Corona) के बाद के और महामारी ने दस्तक दे दी है रूस में स्वाइन फ्लू (H3N2) वायरस के पहले केस का पता चलने से वहां की सरकार अलर्ट (alert) पर है। हलाकि यह कोई नई बीमारी नही है। इससे  पहले 2011 में H3N2 वायरस का पता चला था। रूस (Russia) में फ्लू वायरस की महामारी की बढ़ने के दौरान इसका पता चला है। रूसी संघीय सेवा-रोस्पोट्रेबनादज़ोर की प्रमुख अन्ना पोपोवा ने विभाग के बोर्ड की एक बैठक में ये घोषणा की। पोपोवा के हवाले से कहा गया कि पिछले हफ्ते देश में पहले स्वाइन फ्लू (H3N2) वायरस का पता चला था। इसके बाद से ही वहां की सरकार अलर्ट पर है।  

जानकारी के अनुसार यह मामला मिस्र से रूस में आया था। रूस में इन्फ्लूएंजा और सांस के वायरल संक्रमण की महामारी की स्थिति की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जो इसकी निगरानी कर रही है। इन्फ्लूएंजा और सांस के वायरल संक्रमण की महामारी की निगरानी के साथ-साथ इसकी देखरेख करने वाले नियमों को नए सिरे से तय करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

बता दें कि H3N2 वायरस या स्वाइन फ्लू वायरस एक इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो आम तौर पर सूअरों में फैलता है। ये मनुष्यों को संक्रमित करता है। आमतौर पर सूअरों में फैलने वाले वायरस स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस होते हैं। जब ये वायरस इंसानों को संक्रमित करते हैं तो उन्हें वैरिएंट वायरस कहा जाता है। 2011 में पहली बार इस फ्लू वायरस के जीन और 2009 की H1N1 महामारी के वायरस के M जीन के साथ यह H3N2 वायरस का पता चला था। फिलहाल एक बार फिर से इसकी दस्तक हो गई है।

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