Elon Musk का एप्पल-गूगल डील पर हमला, AI क्षेत्र में शक्ति के केंद्रीकरण को बताया खतरनाक

Apple Google AI Deal: एलन मस्क ने एप्पल-गूगल की AI पार्टनरशिप को शक्ति का गलत ​एकत्रीकरण बताया। मस्क ने कहा कि यह गठबंधन गूगल के एकाधिकार को बढ़ाएगा, जबकि उनकी कंपनी xAI 20 अरब डॉलर जुटा चुकी है।
Elon Musk Slams Apple-Google AI Partnership; Warns Against Concentration of Power in Tech
एलन मस्क (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Elon Musk criticism of Apple Google Gemini partnership: टेस्ला के CEO एलन मस्क ने एप्पल और गूगल के बीच हुई नई AI पार्टनरशिप की कड़ी निंदा करते हुए इसे तकनीकी जगत के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। मस्क का तर्क है कि गूगल के जेमिनी AI मॉडल को एप्पल के सिरी और फाउंडेशन मॉडल में शामिल करना शक्ति का अनुचित केंद्रीकरण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस गठबंधन से डेटा और तकनीक पर एक ही कंपनी का एकाधिकार बढ़ जाएगा, जो नवाचार के लिए घातक हो सकता है। यह विवाद तब और गहरा गया है जब गूगल पहले से ही अपनी सर्च और ब्राउजर सेवाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय जांच के घेरे में है।

शक्ति का अनुचित बंटवारा

गूगल द्वारा एप्पल के साथ बहुवर्षीय साझेदारी की पुष्टि करने के बाद एलन मस्क ने X (ट्विटर) पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। मस्क का मानना है कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम जैसे विशाल प्लेटफॉर्म हैं, जो उसे बाजार में अजेय बनाते हैं। एप्पल के AI फीचर्स का नियंत्रण भी गूगल को सौंपना लोकतांत्रिक डिजिटल ढांचे के खिलाफ है और यह अन्य AI कंपनियों को पीछे धकेल देगा।

एकाधिकार और कानूनी लड़ाई

एप्पल फिलहाल अपनी एआई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसके लिए उसने गूगल और OpenAI जैसे दिग्गजों का सहारा लिया है। मस्क की कंपनी एक्सएआई ने एप्पल के खिलाफ पहले ही एक मुकदमा दायर किया है, जिसमें सिरी में चैटजीपीटी जोड़ने को लेकर आपत्ति जताई गई है। मस्क का आरोप है कि एप्पल का ऐप स्टोर उनके एआई मॉडल 'ग्रोक' जैसे प्रतिस्पर्धियों के लिए जानबूझकर बाधाएं पैदा कर रहा है।

ग्रोक पर वैश्विक प्रतिबंध

एलन मस्क की अपनी AI सेवा 'ग्रोक' भी वर्तमान में गंभीर विवादों और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों ने आपत्तिजनक सामग्री बनाने के आरोपों के चलते ग्रोक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आरोप है कि इस AI ने बिना अनुमति के नाबालिगों से संबंधित अश्लील तस्वीरें बनाईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंताओं ने जन्म ले लिया है।

भारत सरकार की कार्रवाई

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी मस्क की कंपनी एक्स कॉर्प के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि प्लेटफॉर्म अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के अपने कानूनी दायित्वों में पूरी तरह नाकाम रहा है। भारत सरकार की यह टिप्पणी दिखाती है कि AI सुरक्षा और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर वैश्विक स्तर पर मस्क की नीतियों की आलोचना हो रही है।

xAI का भारी निवेश

इन विवादों के बीच एलन मस्क की कंपनी xAI ने हाल ही में 20 अरब डॉलर की विशाल फंडिंग जुटाने में सफलता हासिल की है। इस निवेश दौर में एनवीडिया और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी बड़ी संस्थाओं ने हिस्सा लिया है, जिससे मस्क की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। xAI वर्तमान में अपनी AI क्षमताओं को विकसित करने के लिए हर महीने लगभग 1 अरब डॉलर खर्च कर रही है।

डेटा सेंटर का विस्तार

मस्क ने AI विकास की दौड़ में बने रहने के लिए मेम्फिस, अमेरिका में अपने डेटा सेंटर की क्षमता को 2 गीगावाट तक बढ़ाने की घोषणा की है। यह विशाल बिजली खपत और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार उनके AI मॉडल को अधिक सटीक और शक्तिशाली बनाने के लिए आवश्यक माना जा रहा है। मस्क का लक्ष्य गूगल और एप्पल के गठबंधन को तकनीकी चुनौती देकर बाजार में अपना स्वतंत्र स्थान सुनिश्चित करना है।

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