

Highlights
विदेश मंत्री एस जयशंकर की गुयाना के राष्ट्रपति से मुलाकात
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े समझौते पर सहमति बनी
सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा प्रोजेक्ट के लिए बड़ी घोषणआ
India-Guyana Relationship: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। इसमें 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' से जुड़ा समझौता और गुयाना में UPI जैसी प्रणाली को लागू करने पर चर्चा शामिल थी। एक्स पर पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की 'लाइन ऑफ क्रेडिट' (ऋण सुविधा) बढ़ाने की घोषणा की।
विदेश मंत्री ने लिखा कि गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मिलकर खुशी हुई। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग में हो रही निरंतर प्रगति की समीक्षा की, खासकर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद। सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की 'लाइन ऑफ क्रेडिट' बढ़ाने की घोषणा की।
उन्होंने आगे बताया कि दोनों नेताओं ने MSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम) विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति और स्थापना, तथा 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' (त्वरित प्रभाव वाली परियोजनाओं) को लागू करने के लिए अनुदान सहायता से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2024 में गुयाना का दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और किसानों, विशेषकर छोटे किसानों के लिए एक सहायक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में अपने संबंधों को मजबूत किया। इस बीच, एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित 'कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग' के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मुलाकात की।
विदेश मंत्री ने यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से भी मुलाकात की और 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (CETA) के संदर्भ में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत के गुयाना के साथ ऐतिहासिक और राजनैतिक रिश्ते को भारत-गुयाना संबंधों के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में भारत और गुयाना के बीच मधुर संबंध है। ये दोनों ही देश एक समय में ब्रिटिश औपनिवेशिक साम्राज्य का हिस्सा थे। गुयाना में मई 1965 में जॉर्ज टाउन में भारतीय आयोग की स्थापना की गई थी। बाद में साल 1968 में इस आयोग को पूर्णकालिन भारतीय उच्चायोग बना दिया गया था। वहीं साल 1972 में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की गई थी।