

Trump On Iran Navy Air Force: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक रणनीति को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य जीत है और वह इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान की सैन्य शक्ति, विशेष रूप से उसकी नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के पास अभी भी थोड़ी ताकत बची हुई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के पास किसी भी सूरत में परमाणु हथियार नहीं हो सकते। उनके अनुसार, यदि ईरान परमाणु शक्ति संपन्न बनता है, तो इससे पूरा मिडिल ईस्ट क्षेत्र विनाश की कगार पर पहुंच जाएगा।
इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुई न्यूक्लियर डील पर भी तीखा तंज कसा। ट्रंप ने दावा किया कि यदि उन्होंने समय रहते उस समझौते को रद्द नहीं किया होता, तो आज ईरान एक परमाणु शक्ति बन चुका होता।
ईरान के खिलाफ अपने अभियान को सफल बताते हुए ट्रंप ने इजरायल के साथ अमेरिकी संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने हमेशा अमेरिका का साथ दिया है और वहां की स्थितियां काफी अलग हैं।
ट्रंप ने हमास के खिलाफ जारी कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ समय पहले तक किसी ने नहीं सोचा था कि हमास को इस तरह खत्म किया जा सकता है, लेकिन यह ईरान के खिलाफ हमारे अभियान की सफलता का परिणाम है।
ईरान को सीधे तौर पर धमकी देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में आवश्यकता पड़ी, तो ईरान पर पहले से भी ज्यादा कड़ी और विनाशकारी कार्रवाई की जा सकती है।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह के संकेत दिए हों वे समय-समय पर ईरान पर एक बड़े अमेरिकी हमले की चेतावनी देते रहे हैं। राष्ट्रपति ने अंत में दोहराया कि अमेरिका का उद्देश्य केवल जीत हासिल करना है और वे इस दिशा में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।