300 कमांडो और सैन्य-ग्रेड सुरक्षा भी फेल? मौत को छूकर निकले डोनाल्ड ट्रंप, खुद बताया उस खौफनाक मंजर का सच

Donald Trump Security Breach: वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में फायरिंग से ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक। सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को दबोचा। ट्रंप, मेलानिया और जेडी वेंस सुरक्षित।
Donald Trump Security Breach
सैन्य-ग्रेड सुरक्षा (Image- Social Media)
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Donald Trump Security Breach: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में गंभीर चूक सामने आई है। राजधानी वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान होटल में फायरिंग की घटना हुई। उस समय ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप मौजूद थे।

घटना के दौरान अफरातफरी मच गई, लेकिन ट्रंप और उनके साथ मौजूद सभी लोग सुरक्षित रहे। ट्रंप ने खुद ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फायरिंग डिनर हॉल के ऊपर स्थित लॉबी एरिया में हुई।

गोली चलाने वाला हमलावर गिरफ्तार

फायरिंग के तुरंत बाद, यूएस सीक्रेट सर्विस ने मेहमानों को टेबल के नीचे झुकने के लिए कहा। सुरक्षा कर्मी तुरंत स्टेज पर पहुंचे और पूरे कार्यक्रम स्थल को सुरक्षित किया। गोली चलाने वाले हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक का कारण होटल के बाकी हिस्सों खासतौर पर लॉबी और पब्लिक एरिया में पर्याप्त सुरक्षा न होना बताया जा रहा है। बॉलरूम और वीआईपी एरिया में कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद बाकी हिस्सों में सुरक्षा कमजोर थी।

ट्रंप की मल्टी-लेयर सैन्य-ग्रेड सुरक्षा

ट्रंप को अमेरिकी सीक्रेट सर्विस (USSS) की मल्टी-लेयर सैन्य-ग्रेड सुरक्षा मिलती है, जिसमें 300 से अधिक प्रशिक्षित कमांडो, काउंटर-स्निपर और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं। उनके काफिले में उन्नत संचार और डिफेंस सिस्टम हमेशा अलर्ट रहते हैं।

ट्रंप की सुरक्षा में पिछली घटनाओं में 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया में उनकी रैली में गोलीबारी, 15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा में गोल्फ क्लब के पास हुई फायरिंग शामिल हैं। 26 अप्रैल 2026 को वाशिंगटन के हिल्टन होटल में हुई यह फायरिंग उनकी सुरक्षा में दूसरी बड़ी चूक के रूप में दर्ज होगी।

घटना के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि सभी लोग सुरक्षित हैं और 30 मिनट में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। फर्स्ट लेडी, उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को 30 दिनों के भीतर फिर से आयोजित किया जाएगा।

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