ट्रंप का बड़ा बयान: टैरिफ नहीं तो व्यापार बंद कर दूंगा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी

Tariff Court Ruling: ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि शुल्क न मिलने पर वह किसी भी देश के साथ व्यापार और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बंद कर सकते हैं।
What is Section 122 US Trade Act
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Donald Trump Trade Authority: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में व्यापार और शुल्कों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस अदालती आदेश को पूरी तरह से शर्मनाक करार देते हुए इसे देश के आर्थिक हितों के खिलाफ बताया है। ट्रंप का मानना है कि यह फैसला अमेरिका की रक्षा करने के बजाय दूसरे देशों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। डोनाल्ड ट्रम्प व्यापार प्राधिकरण के तहत उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें शुल्क लेने से रोका गया, तो वे व्यापार बंद करेंगे।

कोर्ट के फैसले पर ट्रंप की नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शर्मनाक और पूरी तरह से बेकार बताया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें व्यापार पर एक डॉलर का भी शुल्क लगाने से रोककर विदेशी हितों को साधा है। ट्रंप के अनुसार, यह फैसला अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा करने के न्यायिक कर्तव्य का उल्लंघन करता है।

व्यापार और अर्थव्यवस्था पर संकट

ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे टैरिफ नहीं ले सकते, तो वे संबंधित देशों के साथ व्यापार को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उनके पास किसी भी देश के साथ कारोबार बंद करने का पूर्ण अधिकार है जिससे उस देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। वे इस कठोर विकल्प का उपयोग करके अमेरिका को व्यापारिक रूप से अधिक शक्तिशाली और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना चाहते हैं।

राजस्व प्राप्ति के नए रास्ते

सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ के प्रस्तावों को खारिज किए जाने के बाद अब ट्रंप प्रशासन अन्य वित्तीय विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ट्रंप का मानना है कि इन वैकल्पिक रास्तों से अमेरिका को पहले की तुलना में कहीं अधिक पैसा और राजस्व प्राप्त होने वाला है। इससे देश की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर होगी, बल्कि भविष्य में होने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए और मजबूत बनेगी।

लाइसेंस शुल्क पर ट्रंप के सवाल

ट्रंप ने न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि दुनिया में ऐसा कौन सा लाइसेंस है जो बिना किसी शुल्क के जारी किया जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि शुल्क लेना एक स्वचालित प्रक्रिया है, लेकिन इस कोर्ट ने व्यापारिक लाइसेंसों के मामले में इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। अब वे कानूनी रूप से किसी भी विदेशी वस्तु को देश की सीमा में प्रवेश करने से रोकने के लिए स्वतंत्र हैं।

विदेशी देशों के लिए कड़ी चेतावनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के इस फैसले ने अनजाने में उन्हें वह अधिकार दे दिया है जिससे वे विदेशी व्यापार को पूरी तरह रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी देशों के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ना उनके लिए एक प्रभावी हथियार की तरह काम करेगा जो उनकी अर्थव्यवस्था को हिला देगा। ट्रंप अब इस अधिकार का उपयोग बिना किसी हिचकिचाहट के करेंगे ताकि अमेरिका के हितों की रक्षा हो सके।

आर्थिक मजबूती का नया संकल्प

ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट की इस बाधा को एक बड़े अवसर में बदल देंगे जिससे देश को आर्थिक लाभ होगा। वे व्यापारिक प्रतिबंधों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की पकड़ को और भी अधिक मजबूत करने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका को व्यापार के बदले उचित मूल्य और सम्मान दोनों प्राप्त हों।

वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता

इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापार बंद होने का मतलब कई देशों की तबाही हो सकता है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे अपनी शर्तों पर व्यापार करना चाहते हैं और इसके लिए वे किसी भी देश का व्यापार रोकने को तैयार हैं। यह रुख आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और समझौतों की दिशा को पूरी तरह से बदल सकता है।

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