नागरिकता बेचकर पैसा कमाने चलते थे ट्रंप...4 महीने में ही गोल्ड कार्ड वीजा फ्लॉप, सिर्फ 1 शख्स को मिली मंजूरी

Trump Gold Card Visa Plan: डोनाल्ड ट्रंप की 'गोल्ड कार्ड' वीजा योजना के चार महीने बाद भी केवल एक व्यक्ति को मंजूरी मिली है। 10 लाख डॉलर की इस योजना पर वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने स्थिति स्पष्ट की।
Trump Gold Card visa Flopped
ट्रंप का गोल्ड कार्ड वीजा प्लान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Gold Card Visa Flopped: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गोल्ड कार्ड वीजा योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस योजना को शुरू हुए चार महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही व्यक्ति को इसकी मंजूरी मिली है। यह जानकारी अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने गुरुवार को संसदीय समिति की बैठक में दी।

इस योजना के तहत कोई भी विदेशी नागरिक कम से कम 10 लाख डॉलर (लगभग 9.4 करोड़ रुपये) निवेश करके अमेरिका में कानूनी रूप से रह सकता है और काम कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे पुराने EB-5 वीजा प्रोग्राम की जगह लाने की बात कही थी, जिसमें निवेश और रोजगार सृजन पर वीजा मिलता था। शुरुआत में ट्रंप ने योजना की कीमत 50 लाख डॉलर बताई थी और दावा किया कि इससे दुनिया भर के अमीर और प्रतिभाशाली लोग अमेरिका आएंगे।

चार महीने में सिर्फ एक व्यक्ति को मंजूरी

हालांकि, चार महीने में सिर्फ एक व्यक्ति को मंजूरी मिलने से योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लुटनिक ने कहा कि सैकड़ों लोग आवेदन कर चुके हैं और उनकी जांच चल रही है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार हर आवेदन को सावधानी से जांच रही है ताकि कोई गलती न हो। आवेदन शुल्क के अलावा 15,000 डॉलर की अतिरिक्त फीस भी ली जाती है, और यह वीजा आगे चलकर अमेरिकी नागरिकता के लिए रास्ता खोल सकता है। सरकार ने गोल्ड कार्ड के लिए विशेष वेबसाइट बनाई है, जिसमें अमेरिकी प्रतीक जैसे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और बाल्ड ईगल दिखाए गए हैं। इसके अलावा, भविष्य में 50 लाख डॉलर वाला ट्रंप प्लेटिनम कार्ड लाने की योजना है, जिससे 270 दिन तक अमेरिका में रहकर विदेशी आय पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

1 ट्रिलियन डॉलर कमाई का था अनुमान

इस योजना से अमेरिकी सरकार ने 1 ट्रिलियन डॉलर तक की कमाई का अनुमान लगाया है, जो देश के बजट संतुलन में मदद कर सकती है। फिलहाल अमेरिका पर 31.3 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 261 लाख करोड़ रुपये) का कर्ज है और इस साल करीब 2 ट्रिलियन डॉलर का बजट घाटा रहने का अनुमान है।

गैलप के हालिया सर्वे के अनुसार, अमेरिका में बसने की इच्छा दुनिया भर के लोगों में घट गई है। साल 2025 में सिर्फ 15% वयस्क अमेरिका को स्थायी रूप से बसने के लिए अपनी पहली पसंद मानते हैं, जो 2007-2009 के 24% और 2017 के 18% की तुलना में काफी कम है। 

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