

US Congressman Slams Trump Over Anti India Comment: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान और सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्होंने एक विवादित पॉडकास्ट को रीपोस्ट किया, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को ‘नरक’ कहा गया था। इस टिप्पणी ने न केवल भारत में बल्कि अमेरिका के भीतर भी तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। कूटनीतिक हलकों में इसे बेहद असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बयान माना जा रहा है।
भारत को लेकर की गई इस टिप्पणी ने ट्रंप के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें वे खुद को भारत का “सच्चा मित्र” बताते रहे हैं। अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं और प्रवासी समुदाय ने इसे अपमानजनक बताया है। अमी बेरा ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि यह बयान राष्ट्रपति पद की गरिमा के खिलाफ है और इससे अमेरिका की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी समुदाय ने अमेरिका को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
एमी बेरा ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आए थे और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रवासी परिवार से आने के बावजूद उन्होंने सरकारी स्कूलों से पढ़ाई की और आज अमेरिकी कांग्रेस में देश की सेवा कर रहे हैं। उनके अनुसार, यही असली “अमेरिकन ड्रीम” है, जिसे ट्रंप समझने में असफल रहे हैं।
इस विवाद पर विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा की गई टिप्पणियों को “गलत जानकारी पर आधारित, अनुचित और खराब स्वाद वाली” बताया। साथ ही यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं, और ऐसे बयान इन रिश्तों की मजबूती को प्रभावित नहीं कर सकते।
दिलचस्प रूप से ईरान ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और ट्रंप पर तंज कसा। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक दिखाते हुए कहा कि ट्रंप को भारत आकर वास्तविकता समझनी चाहिए। इस पूरे विवाद ने न केवल कूटनीतिक असहजता बढ़ाई है, बल्कि अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लाखों लोगों के बीच भी नाराजगी और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है।