Donald Trump की अमेरिकी नाकेबंदी टूटी, धमकियों के बावजूद चीनी जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट को किया पार

Chinese Tanker Crosses: Donald Trump के अमेरिकी नाकेबंदी के दावों के बीच एक चीनी टैंकर रिच स्टारी ने होर्मुज स्ट्रेट सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इससे यह साफ हो गया है कि वैश्विक व्यापार नहीं रुका है।
Donald Trump US Blockade Broken As Chinese Tanker Rich Starry Defies Threats In Strait Of Hormuz Now
डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Iran Oil Trade: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान होरमुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की असलियत सामने आ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सख्त धमकियों के बावजूदचीनी टैंकर रिच स्टेरी ने यह मार्ग पार किया है। इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि इतनी बड़ी सैन्य नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति बताती है कि कड़े प्रतिबंधों के बाद भी वैश्विक अमेरिका-ईरान तेल व्यापार पूरी तरह से नहीं रुका है।

चीनी टैंकर की आवाजाही

14 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:23 बजे की अपडेट के अनुसार मरीनट्रैफिक और केप्लर डेटा से एक नई जानकारी मिली है। मंगलवार को रिच स्टारी नामक एक प्रतिबंधित चीनी टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया। नाकाबंदी शुरू होने के बाद खाड़ी से बाहर निकलने वाला यह दुनिया का पहला व्यावसायिक जहाज बन गया है।

अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन

इस चीनी टैंकर और इसकी मालिक शंघाई ज़ुआनरुं शिपिंग कंपनी लिमिटेड पर अमेरिका ने पहले से ही भारी प्रतिबंध लगाया है। ईरान के साथ लगातार व्यापार करने की वजह से ही अमेरिका ने इस कंपनी पर यह सख्त दंडात्मक कार्रवाई की थी। इसके बावजूद इस जहाज का वहां से निकलना अमेरिकी नौसेना के भारी दबाव को बहुत ही कमजोर साबित कर रहा है।

जहाज और माल की जानकारी

रिच स्टारी एक मध्यम आकार का बड़ा टैंकर है जो अपने साथ लगभग 250,000 बैरल मेथनॉल ले जा रहा है। शिपिंग आंकड़ों से यह पता चलता है कि इसने संयुक्त अरब अमीरात के हमरियाह बंदरगाह पर अपना माल लोड किया था। इसके अलावा डेटा से यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस चीनी स्वामित्व वाले टैंकर पर चीनी चालक दल मौजूद हैं।

दूसरा टैंकर और कच्चा तेल

अन्य डेटा के मुताबिक अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक और दूसरा टैंकर मुरलीकिशन भी मंगलवार को होर्मुज में दाखिल हुआ है। यह खाली टैंकर 16 अप्रैल को इराक में अपना तेल लोड करेगा, ऐसा विशेषज्ञों द्वारा सही अंदाजा लगाया जा रहा है। पहले एमकेए के नाम से जाना जाने वाला यह विवादित जहाज मुख्य रूप से रूसी और ईरानी तेल ले जाता था।

अमेरिका और ईरान का टकराव

अमेरिकी सेना ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर ईरान के बंदरगाहों की यह भारी सैन्य नाकाबंदी शुरू कर दी थी। इससे तेहरान बहुत ज्यादा नाराज हो गया है और होर्मुज को लेकर अनिश्चितता काफी ज्यादा बढ़ गई है। युद्ध खत्म होने की कोई समय सीमा न होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं।

शांति वार्ता की कोशिशें

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद भी समझौते के प्रयास अभी लगातार जारी हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी यह स्पष्ट कहा है कि इस हिंसक संघर्ष को सुलझाने की कोशिशें जारी हैं। अब यह जानकारी सामने आई है कि दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की अहम वार्ता 16 अप्रैल को हो सकती है।

ट्रंप का नया और बड़ा दावा

इन सभी घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को एक बिल्कुल नया और बहुत बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने सोमवार को उनसे सीधा संपर्क किया था और वह एक शांति समझौता करना चाहता था। लेकिन Donald Trump ने साफ कर दिया कि वह ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति देने वाले किसी भी समझौते को नहीं मानेंगे।

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