

Martin Luther King Jr Confidential Files: अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से जुड़ी कई गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को प्रशासन ने किंग की हत्या से संबंधित लगभग 2,30,000 पन्नों के दस्तावेज जारी किए।
इन दस्तावेजों में न सिर्फ उनकी हत्या की जांच से जुड़ी जानकारियाँ शामिल हैं, बल्कि सिविल राइट्स मूवमेंट में उनकी भूमिका और सक्रियता का भी विस्तृत विवरण है। साथ ही, कुछ दस्तावेजों में उनके निजी जीवन, खासकर विवाहेतर संबंधों के दावे भी किए गए हैं, जिन्हें लेकर किंग का परिवार नाराज है। इस मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन पर किंग की छवि खराब करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
किंग की हत्या से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक किए जाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा, "पूरे देश ने 60 साल तक इस दुखद घटना के रहस्यों से पर्दा उठने का इंतज़ार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।"
गबार्ड ने बताया कि सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में किंग की फोन टैपिंग, होटल के कमरों में बगिंग, और उनके खिलाफ सूचनाएँ एकत्र करने के लिए जासूसों के इस्तेमाल का जिक्र है। उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि उस समय के एफबीआई निदेशक जे. एडगर हूवर डॉ. किंग और सिविल राइट्स मूवमेंट पर करीबी नजर रखे हुए थे। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि किंग के विवाहेतर संबंध थे, जिनकी जानकारी एफबीआई की निगरानी के कारण सार्वजनिक हुई थी। हालांकि, अब तक की किसी भी जांच में किंग की हत्या और उनके व्यक्तिगत संबंधों के बीच कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर 1954 से अमेरिका में हो रहे सिविल राइट्स मूवमेंट के एक प्रमुख नेता थे। उन्होंने उस समय अमेरिका में हो रहे नस्लीय भेदभाव के विरोध में सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद की थी। उन्हें 1963 में दिए गए उनके प्रसिद्ध भाषण "आई हैव अ ड्रीम" के लिए आज भी याद किया जाता है।4 अप्रैल 1968 को उनकी मेम्फिस, टेनेसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पूरे अमेरिका में भीषण दंगे हुए थे। उनकी हत्या को अमेरिका के सबसे जटिल और विवादास्पद मामलों में से एक माना जाता है।