कोलंबिया में क्यों जले अमेरिकी झंडे? राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के बाद भारी बवाल, जानें क्या है ट्रंप कनेक्शन

Colombia Election: कोलंबिया में ट्रंप समर्थित उम्मीदवार अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। इसके बाद कोलंबिया के काली शहर में भयंकर दंगे भड़क गए हैं और अमेरिकी झंडे जलाए।
Colombia Election: Trump Backed Abelardo Wins Colombia President Election Sparking Massive Riots
कोलंबिया राष्ट्रपति चुनाव के बाद हिंसा (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Colombia Election Trump Backed Abelardo Wins Colombia: कोलंबिया में हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने के बाद देश के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले कट्टर दक्षिणपंथी नेता अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने इस चुनाव में बहुत ही कम अंतर से जीत दर्ज की है। इस खबर के बाद कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर काली में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे जलाए हैं। इसके साथ ही दंगा-रोधी पुलिस के साथ भीड़ की काफी भारी झड़प भी हुई है जिसे रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

राष्ट्रपति चुनाव में अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला को 49.66 प्रतिशत वोट मिले जबकि वामपंथी इवान सेपेदा को 48.70 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं। इन दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच केवल कुछ लाख वोटों का ही बहुत मामूली अंतर रहा है। जीत के बाद 47 साल के अबेलार्दो ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जताते हुए कहा कि देश ने अपना सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला जीत लिया है। उन्होंने बताया कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात हुई जिन्होंने उन्हें बधाई और पूरा समर्थन दिया है।

दक्षिणपंथी राजनीति की वापसी

अबेलार्दो की इस अहम जीत के साथ ही कोलंबिया में एक बार फिर से दक्षिणपंथी राजनीति की सत्ता में वापसी हो गई है। पिछले 200 वर्षों के इतिहास में केवल 4 साल को छोड़कर ज्यादातर समय यहां दक्षिणपंथी दल ही शासन करते रहे हैं। वामपंथी दल इस बड़ी जीत को सीधे तौर पर कोलंबिया के चुनाव में अमेरिका का भारी हस्तक्षेप बता रहे हैं। इसलिए अब देश में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के आगे भी लगातार जारी रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

अमेरिकी समर्थन और भविष्य की नीतियां

अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला के पास अमेरिका और कोलंबिया दोनों देशों की नागरिकता मौजूद है और वे खुद को बाघ कहते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था कि वह सत्ता में आते ही विद्रोही समूहों के साथ चल रही शांति वार्ताएं खत्म कर देंगे। उन्होंने इन विद्रोही समूहों के खिलाफ अमेरिका के समर्थन से 90 दिनों तक लगातार हवाई हमले करने का भी ऐलान किया था। उनके इन आक्रामक फैसलों से देश में नई राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल मचने की गहरी आशंका पैदा हो गई है।

कोलंबिया के सामने बड़ी चुनौतियां

कोलंबिया में फार्क गुरिल्ला गुट के साथ हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को अब 10 साल पूरे हो चुके हैं। इस एक दशक के दौरान देश के कई हिस्सों में काफी विकास हुआ है लेकिन चुनौतियां अभी भी कायम हैं। आज भी ड्रग्स की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह और विद्रोही समूह देश के कुछ इलाकों पर अपना नियंत्रण रखते हैं। कोकीन का निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है और कोलंबिया में भारी आर्थिक असमानता मौजूद है।

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