बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ दल के समर्थकों के बीच झड़प, दो लोगों की मौत, 30 घायल

राजधानी ढाका में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और सत्तारूढ़ अवामी लीग के समर्थकों के बीच रविवार को हुई झड़प हो गई। इस झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए।
Bangladesh Unrest Protests Ruling Party Clash
प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की उठी मांग
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ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका का हाल बेहाल है। पिछले कई दिनों से ढाका हिंसा की आंच झेल रहा है। एक बार फिर से राजधानी में प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया। राजधानी ढाका में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और सत्तारूढ़ अवामी लीग के समर्थकों के बीच रविवार को हुई झड़प हो गई।

इस झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी एक असहयोग कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे।

मृतकों की पहचान का खुलासा नहीं

अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और फिर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई। समाचार पत्र ढाका ट्रिब्यून ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि प्रदर्शनकारियों और अवामी लीग के समर्थकों के बीच मुंशीगंज में हुई झड़प में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हुए हैं। खबर में हालांकि, मृतकों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग

समाचार पोर्टल बीडीन्यूज24 की एक खबर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की और आरक्षण में सुधार को लेकर हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शनकारी असहयोग आंदोलन के पहले दिन राजधानी के साइंस लैब चौराहे पर भी एकत्र हुए और उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए।

कई वाहन आग के हवाले

विरोध प्रदर्शन के संयोजकों ने बताया कि ढाका के साइंस लैब, धानमंडी, मोहम्मदपुर, टेक्निकल, मीरपुर-10, रामपुरा, तेजगांव, फार्मगेट, पंथपथ, जतराबाड़ी और उत्तरा में भी प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। समाचारपत्र डेली स्टार के मुताबिक, रविवार को बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी (BSMMU) में अज्ञात लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

खबर के मुताबिक लाठी-डंडे लिए लोगों को अस्पताल परिसर में निजी कार, एम्बुलेंस, मोटरसाइकिलों और बसों में तोड़फोड़ करते देखा गया, जिससे मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और अन्य कर्मियों में भय पैदा हो गया। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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