राफेल का शिकारी या 'कागजी शेर'? रियाद एयर डिफेंस शो में बेनकाब हुआ पाकिस्तान का पसंदीदा चीनी जेट

Pakistani J-10CE Fighter Jet: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा प्रचारित चीनी फाइटर जेट जे-10सीई रियाद एयर डिफेंस शो में पूरी तरह फ्लॉप रहा। सस्ता होने के बावजूद किसी देश ने इसे नहीं खरीदा।
Rafale's predator or a 'paper tiger'? Pakistan's favorite Chinese jet exposed at the Riyadh Air Defense Show
पाकिस्तानी फाइटर जेट जे-10सीई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Riyadh Air Defense Show: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित 'एयर डिफेंस शो' चीन के रक्षा निर्यात के लिए एक बड़े झटके के रूप में सामने आया है। जिस J-10CE फाइटर जेट को चीन वैश्विक बाजार में एक गेम-चेंजर के रूप में देख रहा था उसे इस शो में एक भी खरीदार नहीं मिला। यह वही फाइटर जेट है जिसकी पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जमकर तारीफ की थी और दावा किया था कि यह भारत के राफेल विमानों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम है।

ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान का दावा

जब भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों ने आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश किया तो इस्लामाबाद ने अपने सुरक्षा कवच के तौर पर जे-10सीई को आगे किया था। पाकिस्तान ने उस समय दावा किया था कि जे-10सीई और JF-17 Thunder जैसे विमानों ने राफेल को मार गिराने की क्षमता प्रदर्शित की है। हालांकि, रियाद में इन दावों की हवा निकल गई क्योंकि न केवल जे-10सीई, बल्कि पाकिस्तान निर्मित जेएफ-17 थंडर को भी किसी खरीदार ने भाव नहीं दिया।

क्यों फेल हुआ चीन का फाइटर जेट?

विशेषज्ञों के अनुसार, जे-10सीई के विफल होने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

अमेरिका का डर: मध्य-पूर्व और यूरोप के अधिकांश देश अमेरिका के सहयोगी हैं। वे चीन से हथियार खरीदकर अमेरिका के साथ अपने संबंधों को जोखिम में नहीं डालना चाहते।

उन्नत प्रतिद्वंद्वी: बाजार में अब 5वीं पीढ़ी के जेट मौजूद हैं जबकि जे-10सीई केवल 4.5 पीढ़ी का है। रियाद में लोगों ने दक्षिण कोरिया के केएफ (KF) और तुर्की के कान (Kaan) फाइटर जेट को अधिक पसंद किया क्योंकि ये देश अमेरिकी सहयोगी हैं।

भरोसे की कमी: चीनी हथियारों की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। 2024 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कई चीनी मिसाइलों में ईंधन की जगह पानी भरा मिला था। साथ ही, चीनी सेना में हथियारों की खरीद में भ्रष्टाचार के कारण बड़े अधिकारियों का हटाया जाना भी विश्वास की कमी का बड़ा कारण बना है।

जे-10सीई की तकनीकी स्थिति

चीन का दावा है कि जे-10सीई एक ऑल-वेदर एकल इंजन वाला फाइटर जेट है। इसे पहली बार 1998 में उड़ाया गया था और पाकिस्तान ने 2021 में इसे चीन से खरीदा था। हालांकि रियाद शो में चीन ने इसे हवा में उड़ाकर प्रदर्शित करने की हिम्मत भी नहीं जुटाई। चीनी मीडिया ने भी स्वीकार किया है कि दक्षिण कोरिया और तुर्की के नए विमानों के सामने जे-10सीई का रंग पूरी तरह फीका पड़ गया है।

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