चीन की बड़ी साजिश: ताइवान के 'सीक्रेट डिफेंस शील्ड' में सेंध, चुराए जा रहे सीक्रेट सैन्य दस्तावेज!

Taiwan China Espionage: चीन जासूसी नेटवर्क के जरिए ताइवान की सुरक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला करने की कोशिश कर रहा है। सेना और राजनीति में घुसपैठ के खुलासे के बाद ताइवान ने सुरक्षा कानून कड़े कर दिए।
China's major conspiracy: Taiwan's 'secret defense shield' breached, secret military documents being stolen!
ताइवान के 'सीक्रेट डिफेंस शील्ड' में चीन का सेंध, सांकेतिक फोटो (सो. एआई डिजाइन)
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China-Taiwan News In Hindi: ताइवान के खिलाफ चीन न केवल अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है बल्कि वह जासूसी नेटवर्क के जरिए उसकी सुरक्षा व्यवस्था को अंदरूनी तौर पर कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, चीन की घुसपैठ ताइवानी सेना, सरकारी तंत्र और यहां तक कि राजनीति के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास करने के साथ-साथ बीजिंग उसकी गुप्त रक्षा योजनाओं पर पैनी नजर रखे हुए है।

क्या है चेन यिमिन केस?

चीन द्वारा बिछाए गए इस जासूसी जाल का सबसे बड़ा उदाहरण साल 2022 में सामने आया। ताइवान की नौसेना के मरीन सार्जेंट चेन यिमिन कर्ज में डूबे हुए थे और उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। उन्हें इंटरनेट पर एक लोन का विज्ञापन दिखा जो वास्तव में एक चीनी एजेंट का था। एजेंट ने उन्हें ताइवान के गुप्त सैन्य दस्तावेज सौंपने के बदले भारी नकद राशि का लालच दिया। मजबूरी और लालच में आकर चेन ने करीब एक साल तक दो सैन्य ठिकानों के कंप्यूटर सिस्टम से टॉप सीक्रेट फाइलें डाउनलोड और प्रिंट कीं और उनकी तस्वीरें ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप्स के जरिए चीन भेज दीं। इस काम के लिए उन्हें 1 लाख 70 हजार न्यू ताइवान डॉलर मिले लेकिन 2023 में पकड़े जाने पर उन्हें 2 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई गई।

बड़े नेताओं की सुरक्षा में सेंध

चेन यिमिन का मामला कोई अपवाद नहीं है हाल के वर्षों में ताइवान के 100 से ज्यादा पूर्व और वर्तमान सैनिकों व सरकारी कर्मचारियों पर चीन के लिए जासूसी करने के आरोप लगे हैं। जासूसी का दायरा इतना बड़ा है कि कुछ मामलों में राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और पूर्व विदेश मंत्री जोसेफ वू के यात्रा कार्यक्रम तक लीक कर दिए गए। 2023 में एक रिटायर्ड सैनिक ने नौ अन्य सैनिकों को भर्ती कर सैन्य ठिकानों और ट्रेनिंग की गुप्त जानकारी चीन को सौंपी थी।

चीन का जासूसी नेटवर्क और फंडिंग का खेल

ताइवान के न्याय मंत्रालय के अनुसार, चीन मुख्य रूप से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी  और अपने स्टेट सिक्योरिटी मंत्रालय के जरिए यह नेटवर्क चलाता है। वे ताइवानी नागरिकों को फंसाने के लिए डेटिंग ऐप्स, फेसबुक और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं।

इसके अलावा, चीन राजनीतिक स्तर पर भी घुसपैठ की कोशिश करता है जहां वह चीन समर्थक नेताओं के चुनाव अभियानों को फंड करता है। 2025 में विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग से जुड़े कई लोगों पर भी जासूसी के आरोप लगे हैं।

ताइवान का 'नेशनल सिक्योरिटी पैकेज'

इन बढ़ते खतरों के जवाब में मार्च 2025 में राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने एक 17 बिंदुओं वाला नया राष्ट्रीय सुरक्षा पैकेज पेश किया। इसके तहत सैन्य अदालतों को दोबारा शुरू किया गया है और जासूसी के लिए सजा के प्रावधानों को अत्यंत सख्त कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन सख्त कदमों का असर भी दिख रहा है जहां 2024 में जासूसी के 64 मामले सामने आए थे वहीं 2025 में इनकी संख्या घटकर 15 से 20 रहने का अनुमान है।

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