शेख हसीना की तरह मजबूर हुए बांग्लादेश के चीफ जस्टिस, दिया इस्तीफा

बांग्लादेश में बवाल की आग शांत होती नहीं दिखाई दे रही है। देश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बाद अब देश के चीफ जस्टिस ने भी प्रदर्शनकारियों के अल्टीमेटम के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरह इस्तीफा देने को मजबूर किए गए बांग्लादेश के चीफ जस्टिस
बांग्लादेश के चीफ जस्टिस ओबैदुल हसन (सोर्स-सोशल मीडिया)
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ढाका : बांग्लादेश में बवाल की आग शांत होती नहीं दिखाई दे रही है। अब देश के चीफ जस्टिस ने भी प्रदर्शनकारियों के अल्टीमेटम के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रर्शनकारियों ने शनिवार सुबह राजधानी ढाका में सुप्रीम कोर्ट का घेराव करते हुए चीफ जस्टिस ओबैदुल हसन को त्याग पत्र देने का अल्टीमेटम दिया था। जिसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।

बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हसन और अपीलीय डिवीजन के न्यायाधीशों को दोपहर एक बजे तक इस्तीफा देने का समय दिया था। 65 वर्षीय न्यायाधीश शाम को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से परामर्श के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

प्रधान न्यायाधीश ने अपना निर्णय दोपहर करीब एक बजे इस्तीफा देने का ऐलान किया था। तब भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के प्रदर्शनकारी अदालत परिसर में एकत्र हुए थे। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के समन्वयकों में से एक हसनत अब्दुल्ला ने प्रधान न्यायाधीश और अपीलीय डिवीजन के न्यायाधीशों के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें इसके लिए दोपहर एक बजे तक का समय दिया।

प्रदर्शनकारियों ने घेरा था न्यायलय

खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने न्यायालय को घेर लिया था। इससे पहले, प्रधान न्यायाधीश हसन ने उच्चतम न्यायालय के दोनों डिविजन के सभी न्यायाधीशों के साथ पूर्ण न्यायालय की बैठक बुलाई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूर्ण न्यायालय की बैठक बुलाने को ‘‘न्यायिक तख्तापलट'' के रूप में देखा और उच्च न्यायालय परिसर की घेराबंदी की घोषणा की। छात्रों के विरोध के मद्देनजर, प्रधान न्यायाधीश हसन ने बैठक स्थगित कर दी और बाद में कहा कि वह पद से इस्तीफा दे देंगे।

सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों के एकत्र होने के कारण बांग्लादेशी सेना के जवानों को उच्चतम न्यायालय परिसर में तैनात किया गया। प्रधान न्यायाधीश ने उच्चतम न्यायालय परिसर में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने बदलती परिस्थितियों के बीच देश भर में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और निचली अदालतों के न्यायाधीशों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था इस्तीफे के लिए कुछ औपचारिकताएं हैं। उन्हें पूरा करके मैं आज शाम तक राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना इस्तीफा भेज दूंगा।

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