

Chemical Explosion At Brazil Factory Causes Panic And Massive Evacuations: ब्राजील के साओ पाउलो मेट्रोपॉलिटन इलाके के इटाक्वाक्वेसेटुबा में मंगलवार को एक बहुत ही भयानक दुर्घटना हुई। यहां स्थित एक बड़ी केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई जिससे आसमान में गहरे काले धुएं का विशाल गुबार फैल गया। इस दुर्घटना के दौरान फैक्ट्री परिसर के अंदर से लगातार एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। स्थानीय प्रशासन ने खतरे को देखते हुए तुरंत वहां राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
यह गंभीर हादसा मंगलवार 4 अगस्त को साल्वेंट और पॉलिएस्टर रेजिन का निर्माण करने वाली कंपनी क्वेमा क्विमिका में हुआ। फैक्ट्री में लगी भीषण आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। धमाकों की आवाजें इतनी तेज थीं कि उससे पूरे इलाके के निवासियों में डर और भारी भगदड़ की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने तुरंत आसपास के पूरे रिहायशी क्षेत्र को खाली कराने और लोगों को बचाने का निर्णय लिया।
साओ पाउलो के फायर विभाग ने आग की सूचना मिलते ही तुरंत सराहनीय कार्रवाई की। दमकल विभाग ने भयानक आग पर काबू पाने के लिए दुर्घटनास्थल पर तुरंत अपनी कुल 30 फायर टेंडर गाड़ियां रवाना कर दीं।
घटनास्थल पर लगभग 60 जांबाज दमकलकर्मी लगातार अपनी जान की परवाह किए बिना आग को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे रहे। इन बहादुर कर्मियों ने फैक्ट्री के ज्वलनशील रसायनों के बीच जाकर पानी की बौछारें कीं और आग को फैलने से रोका।
हादसे की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने बेहद तेजी से सुरक्षात्मक घेरा बनाकर राहत कार्य संचालित किया। फैक्ट्री के पास रहने वाले लगभग 150 लोगों को दमकलकर्मियों और पुलिस ने उनके घरों से पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाला।
इस त्वरित बचाव अभियान की वजह से आसपास के इलाकों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। राहत की बात यह रही कि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भयंकर अग्निकांड में अभी तक कोई हताहत नहीं हुआ है।
फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में केमिकल के ड्रम और खतरनाक सॉल्वेंट से भरे टैंक रखे होने से आग बेहद बेकाबू हो गई। प्राप्त खबरों के अनुसार फैक्ट्री परिसर में लगभग 24 सॉल्वेंट टैंक मौजूद थे जिनमें अत्यधिक ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ भरा हुआ था।
इतनी भारी मात्रा में सॉल्वेंट मौजूद होने के कारण लपटें बहुत ऊंची उठ रही थीं और बार-बार धमाके हो रहे थे। दमकल विभाग की कड़ी मेहनत और सूझबूझ से इन टैंकों को फटने से बचा लिया गया जिससे एक और बड़ा हादसा टल गया।