भूटान में तेल का हाहाकार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 60% का भारी उछाल; संकट के बीच भारत बना 'संकटमोचक

Bhutan Fuel Crisis: मध्य पूर्व संघर्ष के चलते भूटान में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। थिंपू ने पेट्रोल-डीजल पर भारी सब्सिडी का ऐलान करते हुए निर्बाध आपूर्ति के लिए भारत सरकार का आभार जताया है।
Oil Crisis Grips Bhutan: Massive 60% Surge in Petrol and Diesel Prices; India Emerges as 'Savior' Amidst the Crisis.
भूटान फ्यूल क्राइसिस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India Bhutan Fuel Supply Support: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष की तपिश अब हिमालयी देश भूटान तक पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण भूटान में ईंधन का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भूटान सरकार ने स्वीकार किया है कि अब हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि करनी पड़ी है।

कीमतों में 60% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट संघर्ष शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। फरवरी के महीने में जो पेट्रोल लगभग 65 न्गुलट्रम (0.70 अमेरिकी डॉलर) प्रति लीटर मिल रहा था, उसकी कीमत 1 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 95 न्गुलट्रम से अधिक हो गई है। थिंपू में 1 अप्रैल की आधी रात से लागू नई दरों के मुताबिक, पेट्रोल की वास्तविक खुदरा कीमत 114.31 न्गुलट्रम प्रति लीटर और डीजल की कीमत 174.13 न्गुलट्रम प्रति लीटर तक पहुंच गई है। हालांकि, आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने भारी सब्सिडी दी है जिसके बाद प्रभावी कीमत पेट्रोल के लिए 98.00 न्गुलट्रम और डीजल के लिए 98.31 न्गुलट्रम तय की गई है।

सरकार का 'स्मूथनिंग फ्रेमवर्क'

भूटान सरकार ने 21 मार्च 2026 को 'नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क' के माध्यम से ईंधन सब्सिडी की शुरुआत की थी ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था और आम घरों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम किया जा सके। कार्बन-नेगेटिव राष्ट्र होने के नाते, सरकार ने करीब 8,00,000 की आबादी से विशेष अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में सहयोग करें। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे लंबी दूरी की यात्राओं से बचें। इसके साथ ही सभी सार्वजनिक सेवा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन की खपत कम करने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' पैदल चलकर दफ्तर जाने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने जैसे उपाय अपनाएं।

भारत के प्रति जताया आभार

इस अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच भूटान ने अपने पड़ोसी देश भारत की भूमिका की जमकर सराहना की है। भूटान अपनी ईंधन संबंधी सभी जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर है और भारत के माध्यम से ही पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है।

सरकार ने अपने बयान में विशेष रूप से भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारी बाधाओं के बावजूद, भारत ने भूटान के लिए पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स) और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की है। सरकार ने कहा कि इस कठिन समय में भारत का सहयोग देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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