चीन की राजधानी बीजिंग 2025 तक बनेगा ‘सुपर-एज्ड’ सोसाइटी, हर 3 में से एक लोग 60 पार

China Elderly Population: चीन की राजधानी बीजिंग में 2035 तक 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की आबादी 70 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। बुजुर्गों की बढ़ती संख्या से व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
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चीन के बुजुर्गों की फोटो।सोर्स- यह फोटो AI से बनाया गया है।
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Highlights

  • 2035 तक बीजिंग में 70 लाख बुजुर्ग होने का अनुमान।

  • शहर की एक-तिहाई आबादी 60 साल से अधिक उम्र की हो सकती है।

  • पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ेगा खर्च।

  • चीन में कम जन्मदर और घटती आबादी बनी चुनौती।

  • सरकार ने सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की।

Beijing Super Aged Society: चीन की राजधानी बीजिंग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी की चुनौती का सामना करने वाली है। अनुमान है कि 2035 तक शहर की एक-तिहाई से अधिक आबादी 60 साल या उससे ज्यादा उम्र की हो जाएगी। इसके साथ ही बीजिंग ‘सुपर-एज्ड’ सोसाइटी की श्रेणी में शामिल हो सकता है। इससे पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और बुजुर्गों की देखभाल पर सरकारी खर्च बढ़ने की आशंका है।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की बीजिंग नगरपालिका समिति के आधिकारिक अखबार बीजिंग डेली के मुताबिक, 2035 तक शहर में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के स्थायी निवासियों की संख्या करीब 70 लाख पहुंच सकती है। वर्ष 2023 के अंत में यह आंकड़ा लगभग 52.9 लाख था, जो शहर की कुल आबादी का करीब 23.8 प्रतिशत था।

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क्या होती है ‘सुपर-एज्ड’ सोसाइटी?

जनसांख्यिकी के सामान्य वर्गीकरण के अनुसार, जब किसी आबादी में 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होती है, तो उसे उम्रदराज होती आबादी माना जाता है। यह आंकड़ा 20 प्रतिशत होने पर समाज को ‘एज्ड’ और 30 प्रतिशत या उससे अधिक होने पर ‘सुपर-एज्ड’ कहा जाता है। बीजिंग में 2035 तक बुजुर्गों की हिस्सेदारी करीब 33.3 प्रतिशत होने का अनुमान है।

पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ेगा दबाव

बुजुर्गों की संख्या बढ़ने से चीन की पेंशन व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर खर्च बढ़ सकता है। इसके अलावा अस्पतालों, पुनर्वास केंद्रों, घरेलू देखभाल और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाओं की मांग भी बढ़ने की संभावना है।

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घटती जन्मदर से बढ़ रही चुनौती

चीन की आबादी में गिरावट वर्ष 2022 से शुरू हुई। कम जन्मदर और जीवन प्रत्याशा बढ़ने के कारण देश में कामकाजी उम्र के लोगों की हिस्सेदारी पर दबाव बढ़ रहा है। इससे अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

सरकार ने शुरू किए कदम

चीन सरकार जन्मदर बढ़ाने के लिए बच्चों की देखभाल में सहायता, माता-पिता के लिए छुट्टी और आर्थिक प्रोत्साहन जैसे उपायों पर काम कर रही है। वहीं, बुजुर्गों के लिए घरेलू और सामुदायिक देखभाल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने कामकाजी आबादी को बनाए रखने के उद्देश्य से सेवानिवृत्ति की निर्धारित उम्र भी धीरे-धीरे बढ़ानी शुरू की है।

आने वाले वर्षों में बीजिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्याप्त कामकाजी आबादी और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।

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