

दुबई: सऊदी अरब ने पाकिस्तान को भिखारियों को लेकर चेतावनी दी है। पाकिस्तान से बड़ी संख्या में लोग धार्मिक यात्रा पर जाते हैं, लेकिन वहां रहने के बाद वे भीख मांगने लगते हैं। सऊदी किंगडम इसे बड़ी समस्या मान रहा है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान से इन पर नियंत्रण करने को कहा है और अगर ऐसा नहीं किया गया तो कुछ प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
दरअसल, सऊदी अरब के हज मंत्रालय ने पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने उमराह वीजा पर सऊदी में प्रवेश को नियंत्रित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने उमराह एक्ट लाने का फैसला किया है, ताकि आमतौर पर वीजा और दूसरे काम करने वाली ट्रैवल एजेंसियों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी जा सके।
सऊदी ने पाकिस्तानी सरकार से ऐसे उपाय खोजने की भी अपील की है, जिससे धार्मिक यात्रा के बहाने भिखारी सऊदी अरब में प्रवेश न कर सकें। पिछले साल सऊदी राजदूत नवाफ बिन सईद अहमद अल-मल्की के साथ बैठक में पाकिस्तान के होम मिनिस्टर मोहसिन नकवी ने आश्वासन दिया था कि पाकिस्तान में भिखारियों को भेजने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी।
पाकिस्तान ने इस नेटवर्क पर नकेल कसने की जिम्मेदारी अपनी राष्ट्रीय जांच एजेंसी को दी है। पाकिस्तानी मामलों के विदेश सचिव जीशान खानजादा ने बताया कि ज्यादातर लोग उमराह वीजा पर सऊदी अरब जाते हैं और वहां भीख मांगने की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। अक्सर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।
पिछले महीने ही पता चला था कि सऊदी जाने वाली एक फ्लाइट में 11 तथाकथित भिखारी सवार थे, जिन्हें उतार दिया गया। पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि उनका मकसद सऊदी अरब में भीख मांगना था। इसी तरह 2022 में एक विमान में सवार 16 तथाकथित भिखारियों को उतारकर गिरफ्तार किया गया। यह भी आम बात है कि इनमें से ज्यादातर जेबकतरे पाकिस्तानी ही होते हैं।