

Bangladesh Violence News: बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत हो चुकी है। इस मौत की पुष्टि चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार देर रात की है। इसके बाद से बांग्लादेश में फिर से हिंसा भड़क उठी है। कट्टरपंथी समूहों ने कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया है। इसके अलावा, हिंदू परिवारों को भी निशाना बनाया जा रहा है। हादी की मौत से उग्र हुए कट्टरपंथियों ने एक हिंदू युवक को बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को पेड़ से लटका कर आग के हवाले कर दिया।
उस्मान हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे, जो इस्लामी संगठन है। बांग्लादेश में 11 दिसंबर को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया था, और उसके ठीक एक दिन बाद ही हादी पर हमला हुआ था। हादी के सिर में गोली मारी गई थी, और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादी की मौत से भड़के कट्टरपंथियों ने बांग्लादेश के विभिन्न शहरों में हिंसा का दौर शुरू कर दिया। आगजनी, लूटपाट और हिंदू परिवारों पर हमले हो रहे हैं। भालुका में एक हिंदू युवक दीपू दास को बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और फिर शव को रस्सी से पेड़ से लटका कर आग लगा दी गई। यह कृत्य दिखाता है कि कट्टरपंथी किसी भी हद तक जा सकते हैं।
हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश के विभिन्न जिलों में कट्टरपंथियों का उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। ढाका में हिंदुओं को खुलेआम मारने की धमकियां दी जा रही हैं, और जिहादी नारे लगाए जा रहे हैं। हादी का संगठन 2024 के आंदोलन के दौरान काफी चर्चित हुआ था। इस संगठन ने शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को गिराने में भूमिका निभाई थी।
बांग्लादेश चुनाव आयोग ने कुछ दिन पहले ही आम चुनावों का ऐलान किया था, और आगामी 12 फरवरी 2026 को चुनाव होने थे। हादी के चुनाव में भी हिस्सा लेने की संभावना थी, लेकिन चुनाव के ऐलान के एक दिन बाद ही उस पर हमला हुआ और उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति को और भी अस्थिर कर दिया है, जिससे देश में एक नई संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।