ढाका की राजनीति में भूकंप! शेख हसीना और उनके परिवार का वोटिंग अधिकार खत्म, वोटर कार्ड भी ब्लॉक

Bangladesh Election: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के कई सदस्यों को अगले वर्ष होने वाले चुनावों में मतदान से वंचित किया जा सकता है, क्योंकि उनके राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) कार्ड को...
Former Bangladesh Prime Minister
शेख हसीना, फोटोः ( सो. सोशल मीडिया )
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Sheikh Hasina Vote block: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के कई सदस्यों को अगले साल होने वाले चुनाव में वोट देने से रोका जा सकता है। उनके राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया है, जैसा कि स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया है। निर्वाचन आयोग (ईसी) के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि जिन लोगों के एनआईडी ब्लॉक हैं वे विदेश से वोट नहीं दे सकेंगे। हालांकि, जिन लोगों ने मुकदमों या अन्य कारणों से देश छोड़ दिया है वे वोटिंग कर सकते हैं, बशर्ते उनका एनआईडी ब्लॉक न हो।

विदेश से वोट डालने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपने एनआईडी नंबर के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं। पासपोर्ट से यह प्रक्रिया नहीं हो सकती। यदि किसी का एनआईडी ब्लॉक है, तो वे रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे और वोट नहीं डाल सकेंगे। केवल वही लोग वोट डाल पाएंगे जिन्होंने एनआईडी नंबर के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर लिया हो।

परिवार के सदस्यों को भी वोट देने से रोक

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के वोट देने पर रोक लग गई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे वोट डाल पाएंगी, तो कहा गया कि वे वोट नहीं दे पाएंगी, क्योंकि उनका राष्ट्रीय पहचान संख्या (एनआईडी) ब्लॉक कर दिया गया है। राष्ट्रीय पहचान पंजीकरण विभाग ने अपने महानिदेशक एएसएम हुमायूं कबीर के मौखिक आदेश पर हसीना और उनके परिवार के नौ सदस्यों की एनआईडी को लॉक कर दिया। परिवार के उन सदस्यों में शेख रेहाना सिद्दीकी, सजीब वाजेद जॉय, साइमा वाजेद, शाहनाज सिद्दीकी, बुशरा सिद्दीकी, ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीकी, अजमीरा सिद्दीकी, राडवान मुजीब सिद्दीकी और तारिक अहमद सिद्दीकी शामिल हैं।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई की शुरुआत में चुनाव आयोग ने हसीना की अवामी लीग पार्टी के चुनाव चिन्ह को अपनी वेबसाइट से हटा दिया, जिससे पार्टी के लंबे राजनीतिक इतिहास को समाप्त करने के प्रयास का संकेत मिला। इसके पहले, 12 मई को मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

कब तक लागू रहेगा ये नियम

यह कदम 'आतंकवाद विरोधी अधिनियम' के तहत तब तक लागू रहेगा जब तक कि पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में मुकदमा पूरा नहीं हो जाता। विश्लेषक इसे पूर्व प्रधानमंत्री हसीना और उनके परिवार के खिलाफ यूनुस सरकार द्वारा की जा रही राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का हिस्सा मान रहे हैं। उनका मानना है कि इसका उद्देश्य अवामी लीग को आने वाले राष्ट्रीय चुनावों से दूर रखना है।

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