बैंकॉक में मूसलाधार बारिश से तबाही, भीषण बाढ़ के चलते सभी 50 जिले आपदा क्षेत्र घोषित

Bangkok Flood Crisis: बैंकॉक में 48 घंटे की भारी बारिश के बाद प्रशासन ने सभी 50 जिलों में आपदा घोषित कर दी है। नहरें उफान पर हैं और जलभराव के बीच राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
Bangkok Flood Emergency Disaster Alert
बैंकॉक में मूसलाधार बारिश(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bangkok Flood Emergency Disaster Alert: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मूसलाधार बारिश से हालात गंभीर हो गए हैं। लगातार 48 घंटे से जारी बारिश से शहर की प्रमुख नहरें उफान पर आ गई हैं।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सभी 50 जिलों में आपदा घोषित कर दी है। गवर्नर ने नागरिकों से सुरक्षित रहने के लिए घरों में ही रहने की अपील की है।

शहर के सभी 50 जिलों में आपदा घोषित

बैंकॉक प्रशासन ने शहर के सभी 50 जिलों को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है। गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश से लगभग 300 मिलीमीटर पानी बरस चुका है।

आपदा घोषणा से निकायों को तत्काल राहत कार्य चलाने के अधिकार मिले हैं। सेंट्रल बैंकॉक के उत्तर में नहर का पानी घरों और दुकानों में भर गया है। शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हैं और लोग घुटने तक पानी में चल रहे हैं।

48 घंटे की बारिश से जनजीवन ठप है और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन के अनुसार बाढ़ से शहर का पूर्वी हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित है।

गवर्नर की अपील और प्रधानमंत्री का दौरा रद्द

गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट ने सोशल मीडिया पर सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि शहर की हर नहर उफान पर है और जल स्तर बढ़ा है। गवर्नर ने नहरों के पास रहने वालों को जोखिम वाले इलाकों से हटने को कहा।

उन्होंने नागरिकों से घर पर रहने का अनुरोध किया ताकि दुर्घटना न हो। प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने खबर मिलते ही फैसला लिया है। वे अपनी लंदन यात्रा को बीच में रद्द कर स्वदेश वापस लौट रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार राहत कार्यों के लिए संसाधन लगाएगी। कर्मचारी पानी बाहर निकालने के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं।

राहत शिविर, रेत की बोरियां और पंपिंग क्षमता

BMA ने बाढ़ से निपटने के लिए दस लाख रेत की बोरियां बांटी हैं। प्रभावित लोगों के लिए स्कूलों में कई आश्रय स्थल खोले गए हैं। ये आश्रय स्थल बेघर हुए लोगों को भोजन और पानी दे रहे हैं।

प्रशासन निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। पंपिंग स्टेशन 1200 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी निकाल रहे हैं। पंपिंग के कारण शनिवार से पानी का स्तर स्थिर होने की उम्मीद है।

हालांकि लगातार हो रही बारिश से खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन जल स्तर पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर बनाए हुए है।

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2011 की विनाशकारी बाढ़ की यादें

इस आपदा ने लोगों को 2011 की भयावह बाढ़ की याद दिला दी है। वर्ष 2011 में थाईलैंड की बाढ़ में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। उस विनाशकारी बाढ़ में देश भर के लाखों मकान क्षतिग्रस्त हुए थे।

इसीलिए प्रशासन इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरत रहा है। BMA की टीमें जलमग्न इलाकों में नावों से मदद कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

बैंकॉक को जलभराव से उबारने के लिए सभी एजेंसियां जुटी हुई हैं। राहत कार्य चलाकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास जारी है।

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