Afghanistan में कुदरत का कहर… भारी बर्फबारी और बारिश से कई लोगों की मौत, शरणार्थियों पर मंडराया संकट
Afghanistan Winter Storms: अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में बर्फबारी और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही पाकिस्तान से लौटे शरणार्थियों के लिए ठंड एक गंभीर संकट पैदा कर रही है।
- Written By: प्रिया सिंह
अफगानिस्तान में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण परेशानी बढ़ी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Winter Storms Humanitarian Crisis Afghanistan: अफगानिस्तान के कई प्रांतों में कुदरत का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है, जहां भारी बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस मौसमी तबाही में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है और तीन अन्य घायल हुए हैं। यह सर्दियों के तूफ़ान से अफगानिस्तान में मानवीय संकट ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही शरणार्थी संकट और संसाधनों की कमी से जूझ रहा हैं। बर्फबारी के कारण प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिन्हें बहाल करने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है।
तबाही और प्रभावित इलाके?
प्रांतीय अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी परवान, वर्दक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जवज़जान, फ़रयाब और मध्य बामियान प्रांतों में हुआ है। इन इलाकों में रहने वाले लोग इस प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। तेज तूफान और बर्फबारी के कारण नौ मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
आजीविका पर क्या असर पड़ा है?
कृषि-आधारित इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण 530 पशुओं की मौत हो गई है। इससे स्थानीय लोगों की आजीविका पर गंभीर और प्रतिकूल असर पड़ा है। अधिकांश प्रभावित इलाकों में बुधवार से ही लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान-पाकिस्तान सीमा पर भारी तनाव, रास्क बॉर्डर से घुसे आतंकियों को ईरानी सेना ने किया ढेर; ऑपरेशन जारी
Afghanistan के खिलाफ टेस्ट मैच में कई नए खिलाड़ियों को मिलेगा मौका, गिल और बुमराह को मिल सकता है आराम
पूर्व अफगानी तेज गेंदबाज Shapoor Zadran की हालत नाजुक, गंभीर बीमारी HLH के चलते ICU में भर्ती
Afghan Crackdown: पाकिस्तान के क्वेटा में अवैध अफगानों को घर किराए पर देने वाले 20 मकान मालिक गिरफ्तार
सड़कों की स्थिति और मौसम की चेतावनी?
सड़कों पर बर्फ जमने के कारण कई प्रमुख संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। प्रशासन सड़कों को साफ करने और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में जुटा हुआ है। देश के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी अफगानिस्तान के कई हिस्सों में यह स्थिति बनी रह सकती है।
शरणार्थियों के लिए मानवीय संकट क्यों बढ़ रहा है?
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों को निकाले जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में शरणार्थियों की जान को खतरा काफी बढ़ गया है। निष्कासित किए गए कई शरणार्थियों को फिलहाल अस्थायी शिविरों में रखा जा रहा है।
यह भी पढ़ें: New Zealand Landslide: माउंट मौंगानुई में भूस्खलन, भारी बारिश के बाद हॉलिडे पार्क में मची तबाही, कई लापता
क्या शिविरों में सुविधाएं पर्याप्त हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन अस्थायी शिविरों में उचित आश्रय की भारी कमी है। साथ ही, वहां रह रहे लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पानी और भोजन तक पहुंच बेहद सीमित बनी हुई है। जबरन निर्वासन का यह असर बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों और अफगान नागरिकता कार्ड धारकों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
क्या सर्दियों का मौसम “मूक हत्यारा” है?
MSF ने चेतावनी दी है कि अगर शरणार्थियों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और भोजन नहीं मिला, तो सर्दी उनके लिए “मूक हत्यारा” साबित हो सकती है। पाकिस्तान में MSF मिशन के प्रमुख शू वेइबिंग ने बताया कि अफगान परिवारों में निर्वासन को लेकर गहरा डर बना हुआ है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मानवीय संकट को देखते हुए सुरक्षा सहायता बढ़ाने की अपील की है।
