तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Taliban Pakistan Military Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है जहां कूटनीति के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान सीमा के भीतर की गई एयरस्ट्राइक ने काबुल प्रशासन को बुरी तरह आक्रोशित कर दिया है। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस हमले को चुपचाप सहन करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने इस्लामाबाद को एक बहुत ही सख्त संदेश देते हुए भविष्य में गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है।
पाकिस्तान ने 21 और 22 फरवरी की रात को अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद कड़वाहट अब खुलकर दुनिया के सामने आ गई है। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हवाई हमलों में उनके करीब 19 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई है।
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने एक हालिया इंटरव्यू में पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य प्रतिक्रिया देने का खुला संकेत दिया है। जब उनसे पूछा गया कि काबुल किस तरह की कार्रवाई करेगा तो उन्होंने इसे “स्वाभाविक रूप से” सैन्य कदम बताया है। मुजाहिद के अनुसार यह मामला अब केवल राजनीतिक चर्चा या कूटनीति तक ही सीमित रहने वाला नहीं है।
अफगान प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वे अपने सैन्य जवाब की विस्तृत जानकारी को फिलहाल पूरी तरह गोपनीय रखेंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को उसके इस “शर्मनाक काम” का करारा जवाब जल्द ही मिल जाएगा। मुजाहिद का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि आने वाले दिनों में सीमा पर संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है।
इस्लामिक अमीरात के अधिकारियों ने पाकिस्तान की इस एयरस्ट्राइक को अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता का एक बहुत बड़ा उल्लंघन करार दिया है। उनका मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और अधिक बढ़ावा देते हैं। अफगानिस्तान अब अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पाकिस्तान के सामने पूरी मजबूती के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
हवाई हमलों को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के दावों में जमीन आसमान का बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 70 से अधिक खतरनाक आतंकवादी मारे गए हैं जो वहां छिपे थे। वहीं दूसरी तरफ अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान ने जानबूझकर केवल आम नागरिकों को ही निशाना बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जबीहुल्लाह मुजाहिद के इस ताजा बयान के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध और खराब होंगे। यदि दोनों पक्ष केवल सैन्य विकल्पों पर ध्यान देंगे तो शांति प्रयासों और द्विपक्षीय वार्ता में भारी बाधा आ सकती है। फिलहाल काबुल और इस्लामाबाद के बीच युद्ध जैसी स्थिति के संकेत साफ़ तौर पर दिखाई दे रहे हैं।
हवाई हमलों के बाद से ही अफगान सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है। सीमा पर तैनात सैनिक किसी भी संभावित घुसपैठ या हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों में भी पाकिस्तान की इस अचानक की गई सैन्य कार्रवाई के बाद भारी डर का माहौल है।
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पड़ोसी देशों के बीच बढ़ता यह विवाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो यह पूरे क्षेत्र को प्रभावित करेगा। शांति की अपील के बावजूद दोनों तरफ से फिलहाल कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है।
मुजाहिद के कड़े संदेश के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान की अगली प्रतिक्रिया और अफगानिस्तान के कदम पर टिकी हैं। क्या अफगान सेना सच में पाकिस्तान पर चढ़ाई करेगी या यह केवल एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि इस क्षेत्र में शांति बनी रहेगी या फिर युद्ध शुरू होगा।