Afghanistan Pakistan Conflict: वर्तमान में पूरे विश्व युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है। एक तरफ ईरान अमेरिका के बीच टकराव और तो वहीं दूसरी तरफ रुस और यूक्रेन में युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच टकराव की खबर सामने आ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार तालिबानी सरकार के रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी दावे के अनुसार अफगानी सूरक्षा बलों पूर्वी प्रांत नूरीस्तान में पाकिस्तान से आए 28 लड़ाकों को मार दिया है जबकि 32 को कैद कर लिया है। दावे के अनुसार इनमें इस्लामिक स्टेट के आतंकी भी शामिल हैं। ज्यादा लड़ाके पूर्व अफगान सरकार के सुरक्षाकर्मी होने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में पाकिस्तान अफगान के सभी आरोपों को खारिज कर रहा है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार लड़ाके शनिवार को नूरीस्तान के कामदेश जिले में पाकिस्तान की सीमा से घुसे थे। उनका मकशद हमला करना था। अफगान के सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन चलाकर 28 लड़ाकों को मार गिराया जबकि 32 को कैद कर लिया है।
इस मामले को लेकर अफगान के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान के संगठन पूर्व सरकार के लड़ाकों को पाकिस्तान ले जाकर उन्हें ट्रेनिंग दिए और अफगान पर हमला करने के लिए तैयार कर रहे हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना के अनुसार पाकिस्तान इन सभी दावों को बेबुनियादी और निराधार बताया है। पाकिस्तान ने कहा न तो उनकी खुफिया एजेंसी और न ही सुरक्षा बल नूरीस्तान के हमले में शामिल थे। पाकिस्तान ने कहा है कि काबुल अपने इलाके में संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। साल 2021 में जब अमेरिका ने अफगानिस्तान को छोड़ा था तो उस समय पाकिस्तान ने इसका स्वागत किया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कहा था कि अफगानों ने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं।
अफगान और पाकिस्तान में रिश्ते अच्छे थे। दोनों देशों को एक दूसरे का सहयोगी माना जाता था। बाद में पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम के क्षेत्रों में हमले होने लगे। इसके बाद शहबाज शरीफ की सरकार काबुल पर आरोप लगाती है कि जो आतंकी हमले हो रहे है उन हमलों में तालिबान का हाथ है। आतंकियों को जो भी गोला बारुद प्राप्त होता वो तालिबान ही उपलब्ध कराता है।
टकराव के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति नाजुक हो गई है। अफगान पकड़े गए लड़ाके पास से हथियारों के जखीरे की तस्वीर और उसकी वीडियो X पर शेयर कर आरोप लगा रहा है कि देश में हमले के मकशद से घुसे लड़ाके पाकिस्तानी आतंकी संगठन से जुड़े है। पाकिस्तानी सरकार के सह पर उनकों तालिबान के खिलाफ तैयार किया गया।