Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में क्यों डर रही भाजपा? चुनाव आयोग से मिला पार्टी डेलिगेशन, कर डाली ये बड़ी मांग

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले BJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की। प्रतिनिधमंडल ने मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अधिकतम 3 चरण में ही कराए जाएं।
CEC Gyanesh Kumar in west bengal
पश्चिम बंगाल में ज्ञानेश कुमार (डिजाइन फोटो)
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West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की है। बीजेपी प्रतिनिधमंडल ने मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अधिकतम तीन चरण में ही कराए जाएं। साथ ही यह भी आग्रह किया कि निर्वाचन आयोग राज्य में पूरी तरह हिंसामुक्त विधानसभा चुनाव कराने के लिए ठोस कदम उठाए।

भाजपाई डेलिगेशन ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा के माहौल को लेकर चिंता जाहिर करते हुए 16 सूत्री ज्ञापन आयोग को सौंपा है। तीन सदस्यीय डेलिगेशन में शामिल भाजपा नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी ने आयोग से मतदान कार्यक्रम को अधिकतम तीन चरणों तक सीमित करने का आग्रह किया है।

अधिकतम 3 चरणों में चुनाव कराने की मांग

चट्टोपाध्याय ने कहा, "हमने मांग की है कि चुनाव एक, दो या तीन फेज़ में हों।" बीजेपी डेलीगेशन की एक बड़ी चिंता यह थी कि राज्य में अभी तैनात सेंट्रल फोर्स की लगभग 400 कंपनियों की तैनाती और इस्तेमाल सही नहीं है। चट्टोपाध्याय ने इन फोर्स को संभालने में राज्य पुलिस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि "अभी की भरोसा बनाने की कोशिशें" वोटरों को भरोसा दिलाने में नाकाम हो रही हैं।

और क्या कुछ बोले जगन्नाथ चट्टोपाध्याय?

उन्होंने आगे कहा, "राज्य पुलिस जिस तरह से सेंट्रल फोर्स का इस्तेमाल कर रही है उससे हम खुश नहीं हैं। अगर हिंसा-मुक्त और डर-मुक्त माहौल बनाना है, तो कमीशन को राज्य पुलिस और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो वोटरों को वोट डालने से रोकते हैं।" पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि जानबूझकर शांतिपूर्ण इलाकों में रूट मार्च किए जा रहे हैं।

शांतिपूर्ण इलाकों में हो रहा रूट मार्च: BJP

भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा, "मैंने अपनी आंखों से देखा है कि रूट मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण इलाकों में हो रहे हैं। ये मेन सड़कों पर हैं जहां कोई आबादी नहीं है और सिर्फ गाड़ियां गुजरती हैं। इस तरह राज्य पुलिस सेंट्रल फोर्स को काम करने के लिए मजबूर कर रही है।"

इसके अलावा पार्टी ने कमीशन से सेंसिटिव पोलिंग स्टेशनों की पहचान के क्राइटेरिया को फिर से तय करने की अपील की। बीजेपी ने प्रस्ताव दिया कि जिस भी बूथ पर 85 परसेंट से ज्यादा वोटिंग हुई हो या जहां पिछले चुनावों के दौरान या उसके बाद हिंसा हुई हो, उसे अपने आप सेंसिटिव घोषित कर दिया जाए और उसे एक्स्ट्रा सिक्योरिटी दी जाए।

सियासी दलों की समस्याएं सुन रहा EC

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के प्रतिनिधिमंडलों से चुनाव संचालन संबंधी उनकी चिंताओं और सुझावों को सुन रहे हैं।

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