

West Bengal BJP President Samik Bhattacharya: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी विरोधी टिप्पणी करने के आरोप में टीएमसी ने 3 प्रवक्ताओं को 6 साल के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित TMC नेता रिजू दत्ता ने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (I-PAC) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब हो गया।
निलंबित TMC नेता रिजू दत्ता के I-PAC के खिलाफ दिए गए बयान पर, पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बड़ा बयान दिया है। समिक भट्टाचार्य ने कहा, यह TMC का अंदरूनी मामला है। BJP दूसरों की रसोई में क्या पक रहा है, इसकी ताक-झांक नहीं करती। हमने पहले दिन से ही कहा है कि TMC को एक राजनीतिक पार्टी नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस और एजेंसी से सरकार नहीं चल सकती। TMC की सोच हमेशा से एक ही रही है: जो जीता वही सिकंदर। बूथ पर बढ़त हासिल करना, चाहे किसी भी तरह से हो।
बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि टीएमसी ने बंगाल को एक खुला बाज़ार बना दिया। इसीलिए TMC हार गई और उसको जानात ही था। उसका जीवन चक्र खत्म हो चुका था। पिछले सात सालों से TMC का संगठन कौन संभाल रहा है? तृणमूक कांग्रेस भ्रष्टाचार करता ही है, खुद अपने पार्टी के कार्यकर्ता से पैसे लेकर काम करता है। लोकतंत्र में एजेंसी और पुलिस का कोई जगह नहीं है।
अनुपम खेर के सिर पर तो फिर से बाल उग सकते हैं, लेकिन TMC चौथी बार सत्ता में वापस नहीं आएगी। मैं सच में अनुपम खेर का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। उनकी बहुत कम ही ऐसी फिल्में हैं जो मैंने नहीं देखी हैं। उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद और बधाई।
निलंबित TMC नेता रिजू दत्ता ने कहा था कि जब TMC नेताओं के घरों पर ED के छापे पड़े, तो दीदी पार्टी का डेटा सुरक्षित करने के लिए तुरंत पहुंच गईं। आज, उनके खिलाफ ED का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में है, और अगर फैसला उनके खिलाफ जाता है, तो जेल भी हो सकती है। दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के ठीक अगली सुबह ही, I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल को निचली अदालत से जमानत मिल गई। इससे साफ पता चलता है कि यह मामला मनगढ़ंत था।
आपको जानकारी दें, कि टीएमसी के अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में प्रवक्ता कोहिनूर मजूमदार, रिजू दत्ता और कार्तिक घोष को निलंबित कर दिया था। इस पर रिजू दत्ता ने सफाई दी और पार्टी पर ही गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सच बोलने के लिए टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया।