

TMC MP Saayoni Ghosh On Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण करने के बाद से ही एक्शन मोड में हैं। सीएम के आदेश के बाद राज्य में बुलडोजर की आवाज गूंजने लगी है। बुलडोजर कार्रवाई को लेकर टीएमसी की लोकसभा सांसद सयानी घोष ने कहा कि बंगाल के लोग खुद देख लें कि वे बुलडोजर की संस्कृति चाहते हैं या नहीं।
सयानी घोष ने कहा कि अगर लोग बुलडोजर की संस्कृति चाहते हैं तो भाजपा बनी रहेगी। अगर वह शांति की संस्कृति चाहते हैं तो ममता बनर्जी वापस आएंगी। उन्होंने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई भाजपा की संस्कृति है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री थीं। भविष्य में वह फिर से मुख्यमंत्री बनेंगी।
सयानी घोष ने कहा कि आपको लगता है कि यह सब करके आप असम और उत्तर प्रदेश में अपना काम चला सकते हैं, लेकिन बंगाल में यह सब नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को हराना है तो सभी को एकजुट होना पड़ेगा। किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों को एकजुट होना पड़ेगा, और हर समुदाय और हर धर्म के लोगों को एक साथ आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसीलिए हम मिलकर लड़ेंगे। 'इंडिया' गठबंधन भी मिलकर लड़ेगा, और ममता बनर्जी निश्चित रूप से लड़ेंगी।
बता दें कि कोलकाता के तिलजला इलाके में बुधवार को एक रिहायशी इमारत में बनी अवैध फैक्ट्री को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इसी फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी। आग लगने की घटना के 30 घंटे के भीतर ही फैक्ट्री को गिराने का काम शुरू हो गया।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। उन्होंने एक दिन के भीतर ही अवैध ढांचे को गिराने का आदेश दिया, जिसके बाद फैक्ट्री को गिराने का काम शुरू हो गया।
बंगाल की नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बुधवार को कहा था कि उन अवैध इमारतों को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके पास फायर लाइसेंस या 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (एनओसी) नहीं है।
बता दें कि हाल ही संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में लोकसभा सांसद सयानी घोष टीएमसी की एक प्रमुख चेहरा रही थीं। चुनाव प्रचार से जुड़ा उनका कई वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित और विवादित भी रहा। अपने तीखे तेवर और स्थानीय भाषा के जरिए उन्होंने आम जनता में काफी अच्छी पकड़ बनाई थी। उनके चुनावी सभाओं और कार्यक्रमों में काफी भीड़ देखी जा रही थी। हालांकि, चुनावी नतीजे उसके विपरित रहे और पहली बार बीजेपी बंगाल में सरकार बनाने में सफल रही।