

TMC MP Abhishek Banerjee Political Trouble: सरकार बदलने का बाद से ही लगातार टीएमसी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। संपत्ति विवाद के बाद ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी विधायकों के हस्ताक्षर में कथित रूप से विसंगति और जालसाजी के मामले में फंसते जा रहे हैं। सोमवार को CID की टीम टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर जा पहुंची।
अभिषेक बनर्जी को जांच एजेंसी ने सोमवार को पेश होने के लिए समन जारी किया था। इसके पहले CID ने शनिवार को भी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को समन भेजा था।
बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होना था, लेकिन पेश होने के बजाय, उन्होंने सीआईडी को ईमेल भेजकर 15 दिन का समय मांगा, जिसमें उन्होंने 30 मई की दोपहर को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित तौर पर हुए हमले के बाद अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला दिया।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा बीमारी के चलते CID से पेशी के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने मीडिया को बताया कि मैंने पहले ही कहा था कि ऐसी कोई योजना बनाई जा रही है।
जब कुछ तृणमूल नेताओं को कथित तौर पर अभिषेक पर हमला करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था, तो शक पैदा हो गया था। आज, उन्होंने समन को टाल दिया है। आखिरकार उन्हें पेश होना ही पड़ेगा। वे कब तक इससे बच सकते हैं?
अभिषेक बनर्जी द्वारा बीमारी के चलते CID से पेश होने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने पर AJUP प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है, इसका फैसला CID करेगी। इस पर मुझे और कुछ नहीं कहना है।
सूत्रों से मिली जानकारीके अनुसार, अभिषेक बनर्जी से सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और विधायी विंग में पार्टी के मुख्य सचेतक के मनोनीत प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों के संबंध में चल रही सीआईडी जांच के सिलसिले में पूछताछ की जा सकती है।
मामले में टीएमसी विधायक कुणाल घोष, बहारुल इस्लाम, नयना बंद्योपाध्याय और चंद्रनाथ सिन्हा से CID की टीम पहले ही पूछताछ करके उनके हस्ताक्षर के नमूने ले चुकी है।