

Suvendu Adhikari renamed Suhrawardy Avenue Road: पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक और राजनीतिक प्रतीकों को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने शहर की प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर 'गोपाल मुखर्जी रोड' करने का फैसला लिया है। इस फैसले का मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वागत करते हुए इसे "ऐतिहासिक भूल को सुधारने वाला कदम" बताया।
उन्होंने कहा कि दशकों तक इस सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रहा, जिन पर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष लोगों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। वहीं, गोपाल मुखर्जी को संकट के समय हजारों लोगों की जान बचाने वाला साहसी व्यक्ति बताते हुए उन्हें सम्मान देने की बात कही गई। केएमसी के इस फैसले के बाद बंगाल में इतिहास, पहचान और राजनीतिक विरासत को लेकर नई बहस छिड़ने के आसार हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधकारी ने कहा कि पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर कोलकाता नगर निगम द्वारा लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय न्यायपूर्ण और समयोचित फैसला है। उन्होंने कहा कि दशकों तक शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर रहा, जिसके उपर सत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।
वहीं सीएम अधकारी ने आगे कहा कि अब इस सड़क का नाम गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने से उन हजारों निर्दोष लोगों की रक्षा करने वाले एक साहसी व्यक्ति को सम्मान मिलेगा, जिसने संकट की इस घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार, यह फैसला ऐतिहासिक न्याय की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को अब अपने सच्चे नायकों को याद करने, इतिहास में हुई पूरानी गलतियों को सुधारने और समाज के सच्चे रक्षकों को सम्मान देने का समय आ गया है। कोलकाता नगर निगम के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, निगम ने निर्णय लिया है कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) क्षेत्र में स्थित सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर अब "गोपाल मुखर्जी रोड" रखा जाएगा और भविष्य में यह सड़क इसी नाम से जानी जाएगी।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम अधिकारी ने कई जगहों पहचान में बदलाव किया है। जैसे सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई विवादित मूर्ति को हटाया जाना सहित कई चीजें शामिल हैं।