घुसपैठिए दामाद नहीं जिनको बिठाकर खिलाएं, जल्दी भागो..., सुवेंदु अधिकारी की वार्निंग के बाद बॉर्डर पर हलचल तेज

Suvendu Adhikari on Infiltration: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें देश छोड़ने की चेतावनी दी है। अधिकारी इस दौरान बेहद आक्रामक दिखे।
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सुवेंदु अधिकारी, फोटो- सोशल मीडिया
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Immigration and Foreigners Act 2025: इसके बाद नॉर्थ 24 परगना के हाकिमपुर बॉर्डर पर विदेशी नागरिकों की भीड़ जुटने लगी है और मुर्शिदाबाद में पहली बार बांग्लादेशी नागरिकों को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है।

पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि घुसपैठियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से रहने वालों को जेल भेजकर सरकारी खर्च पर खाना नहीं खिलाया जाएगा, बल्कि उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा।

इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत होगी सख्ती

घुसपैठियों से निपटने के लिए सरकार 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025' का सहारा ले रही है। इस नए कानून के तहत ये प्रावधान किए गए हैं:

  • होल्डिंग सेंटर: अवैध रूप से रहने के संदिग्धों के लिए अस्थायी व्यवस्था के तौर पर होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं।
  • बिना वारंट गिरफ्तारी: कुछ पुलिस अधिकारियों को संदिग्धों को बिना वारंट गिरफ्तार करने का अधिकार दिया गया है।
  • तकनीकी निगरानी: हिरासत और डिपोर्टेशन (देश निकाला) की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है ताकि निगरानी सटीक रहे।

CAA बनाम अवैध घुसपैठ: किसका होगा डिपोर्टेशन?

मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम और घुसपैठ के बीच के अंतर को भी स्पष्ट किया है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए 7 समुदायों के अल्पसंख्यकों को CAA के तहत राहत दी जाएगी और उन पर कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी।

हालांकि, जो लोग इस दायरे में नहीं आते, उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, राज्य पुलिस ऐसे संदिग्धों को गिरफ्तार कर सीमा सुरक्षा बल को सौंपेगी। इसके बाद BSF, बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन्हें वापस भेजने यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी करेगी।

मुर्शिदाबाद में पहली कार्रवाई, होल्डिंग सेंटर भेजे गए 3 बांग्लादेशी

मुख्यमंत्री की चेतावनी का असर जमीन पर दिखने लगा है। मंगलवार सुबह से ही नॉर्थ 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर 100 से ज्यादा विदेशी नागरिक जमा हो गए। ये लोग पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में अवैध तरीके से रह रहे थे और अब वापस जाने की तैयारी में हैं। इसी कड़ी में मुर्शिदाबाद राज्य का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार तीन बांग्लादेशी नागरिकों को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है।

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