मैं मरी नहीं हूं... बगावत के बाद भड़की ममता बनर्जी ने इन दस्तावेजों पर की बात, कहा- धोखे की भी सीमा होती है

Mamata Banerjee Reaction: पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल के बीच ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफा देने के बाद ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को जमीनी हकीकत याद दिलाई है।
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ममता बनर्जी (सौजन्य-IANS)
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West Bengal Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। राज्य की पूर्व वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते ही वे तुरंत निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गईं। इस बड़े झटके के बाद ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है।

TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने बड़ा बयान देते हुए कहा, मैं आम लोगों, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उन पुराने सदस्यों का समर्थन करती हूं, उन्हें सलाम करती हूं और बधाई व शुभकामनाएं देती हूं जो अभी भी पार्टी के साथ हैं और जिन्होंने BJP में शामिल होकर पार्टी के साथ धोखा नहीं किया है। पिछले कुछ दिनों से आपने देखा होगा कि मेरी पार्टी के साथी और प्रवक्ता बोल रहे हैं, लेकिन मैंने बहुत कम बात की है।

वोटों में हेराफेरी करके सत्ता में आई BJP

इसकी वजह यह है कि कभी-कभी मुझे लगता है कि खामोशी सबसे जोर से बोलती है। मैंने देखा कि BJP वोटों में हेराफेरी करके सत्ता में आई। हम सब यह जानते हैं। उन्होंने EVM में हेरफेर की, वोट चुराए और वोटों की गिनती की प्रक्रिया में गड़बड़ी की। ऐसा आतंक शुरू हो गया है कि जो लोग हमारा समर्थन करते हैं, जो हमारे साथ खड़े हैं, हमारे हजारों कार्यकर्ताओं को दिन-दहाड़े निशाना बनाया जा रहा है, जबकि उनके खिलाफ कोई वैध मामला नहीं है और न ही कोई अदालती आदेश है।

2023 में पार्टी खत्म होने का दावा

पूर्व CM ममता बनर्जी ने चुनाव चिन्ह को लेकर कहा, "वे कह रहे हैं कि 2023 के बाद इस पार्टी का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा। हमारा चुनाव तो अक्टूबर 2027 में होना है, अभी नहीं, क्योंकि यह 2022 के फैसले और संवैधानिक संशोधन का नतीजा है। अगर पार्टी की मान्यता 2023 में ही खत्म हो गई होती, तो आप 2026 का चुनाव कैसे लड़ते? आखिरकार, पार्टी का चुनाव चिह्न तो मैंने ही आवंटित किया था।"

पार्टी खत्म होने की बात को लेकर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, जो लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और मेरे हस्ताक्षर वाले पार्टी सिंबल पर चुनाव जीते थे, वे अब दावा कर रहे हैं कि पार्टी 2023 से खत्म हो चुकी है। आपने पार्टी के सिंबल पर चुनाव तभी लड़ा जब मैंने आपकी उम्मीदवारी को मंजूरी दी और उस पर हस्ताक्षर किए। तभी चुनाव आयोग ने आपका नामांकन स्वीकार किया। धोखे की भी एक सीमा होती है। आपने उसी पार्टी के साथ धोखा किया जिसने आपको राजनीतिक पहचान दी। अब, आप खुलेआम बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। अगर हिम्मत है, तो जाकर औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो जाइए। आपको क्या लगता है? कि मैं मर चुकी हूं? हमें पता है कि आपको पार्टी का सिंबल मिलने की संभावना बहुत कम है। जब मैं इस सिंबल के साथ लोगों के बीच जाऊंगी, तो क्या आप मेरी आवाज दबा पाएंगे?

मां, माटी और मानुष मेरा परिवार

ममता बनर्जी ने आगे कहा, बच्चों को मिड-डे मील में अंडे नहीं मिल रहे हैं, फिर भी आप अंडे फेंक रहे हैं। हम 15 साल तक सत्ता में रहे, लेकिन हमने कभी ऐसे कामों के लिए पुलिस का इस्तेमाल नहीं किया। आप इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) और ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) से ब्लॉक अध्यक्षों का काम करवा रहे हैं। मैं उन लोगों को दोष नहीं देती जो चले गए हैं। उनके परिवार, संपत्ति और जिम्मेदारियां हैं। लेकिन याद रखिए, मेरा भी एक परिवार है।

तृणमूल कांग्रेस भवन पर कब्जे को लेकर ममता बनर्जी ने कहा, 'मां, माटी, मानुष' का तृणमूल कांग्रेस परिवार ही मेरा परिवार है। जिन लोगों ने कल तृणमूल भवन पर कब्जा किया, उन्होंने दावा किया कि किराया नहीं दिया गया था। मैं साफ कर दूं कि यह जगह अक्टूबर 2027 तक किराए पर ली गई थी। कोई यह नहीं कह रहा है कि मैंने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह संस्था की संपत्ति है, किसी व्यक्ति की नहीं।

यह 'मां, माटी, मानुष' की है। कोई भी जबरदस्ती इस पर कब्जा नहीं कर सकता। हमारे पास दस्तावेज हैं। हम हर महीने ₹1 लाख किराया देते हैं। आज, आप केंद्रीय बलों की मदद से किसी इमारत पर कब्जा कर सकते हैं, लेकिन इस तरह लोगों का दिल नहीं जीत सकते।

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