‘गिरफ्तार करो या गोली मारो, बंगाली भाषा के लिए लड़ती रहूंगी’, ममता बनर्जी का एलान
Mamata Banerjee ने झारग्राम की सड़कों पर 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की, इसमें TMC नेताओं, सांस्कृतिक हस्तियों व नागरिकों ने हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियों पर लिखा बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।
- Written By: सौरभ शर्मा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- सोशल मीडिया)
Mamata Banerjee Rally: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को झारग्राम में एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व किया और राज्य के बाहर से आए बंगाली भाषी प्रवासियों पर कथित हमलों की निंदा की। यह रैली इस संदेश के साथ निकाली गई कि बंगाली भाषा और पहचान को ‘कभी दबाया नहीं जा सकता’। इस रैली का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनर्जी ने किया। साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि यदि मुझे गिरफ्तार करने या गोली मारने भी आएं, तो भी वे बंगाली भाषा के अपमान के खिलाफ अपना विरोध करती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि अगर आप बंगाली भाषा और बंगाल के लोगों पर हमला करेंगे, तो मैं दुनिया के सामने भाजपा का पर्दाफाश कर दूंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारग्राम रैली में दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लाने के लिए की जा रही है। क्या असम सरकार को पश्चिम बंगाल के लोगों को NRC नोटिस भेजने का अधिकार है? भाजपा नेता लोगों से उनकी पहचान साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांग रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास अपने दस्तावेज हैं? विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर एक भी मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।
अब बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदिवासी बहुल इलाके में लगभग तीन किलोमीटर चलकर पैदल यात्रा निकाली, जिसमें तृणमूल के वरिष्ठ नेता, सांस्कृतिक मामलों से जुड़ीं हस्तियां और कई अन्य नागरिक शामिल हुए। इस पद यात्रा के दौरान हाथों में तख्तियां थीं जिन पर बंगाल का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और “बंगाल, मेरी मां” जैसे नारे लिखे थे। यह विरोध प्रदर्शन देश के विभिन्न हिस्सों में बंगाली भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न के मद्देनजर आयोजित किया गया था।
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चुनाव आयोग की वैधता पर सवाल
वहीं, ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूची तैयार करने में कथित चूक के लिए राज्य सरकार के चार अधिकारियों और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने के लिए चुनाव आयोग (EC) पर तीखा हमला किया। उन्होंने इस कदम की वैधता पर सवाल उठाया और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है।
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अधिकारियों को निलंबन के नोटिस क्यों दिए गए थे
एक जनसभा को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने कहा, “अधिकारियों को कल निलंबन नोटिस दिए गए थे। क्या अभी तक चुनावों की घोषणा भी हुई है? उन्होंने कहा कि कौन सा कानून उन्हें इस समय निलंबित करने की अनुमति देता है? आप सभी की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। हम ऐसा करेंगे। हम उन्हें निलंबित नहीं करेंगे।” तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने चुनाव आयोग पर सरकारी अधिकारियों को धमकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका प्रशासन अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा रहेगा।
