कल तक घरों में करती थीं झाड़ू-पोछा, अब बनीं मंत्री, ₹2500 कमाने वाली कलिता की कहानी सुन भर आएंगी आंखें- VIDEO
Maid Became Minister: दूसरों के घरों में ₹2500 में बर्तन मांजने वाली कलिता मांझी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री बन गई हैं। संघर्ष से सत्ता तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायी रहा है।
- Written By: अमन मौर्या
Kalita Majhi West Bengal Minister: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रहने वाली कलिता मांझी की कहानी कड़े संघर्ष और असाधारण सफलता की एक अनूठी मिसाल है। एक समय ऐसा था जब वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा लगाने और बर्तन मांजने का काम करती थीं, जिससे उन्हें महीने में महज ₹2,500 की मामूली कमाई होती थी। बेहद तंगहाली के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चुनाव प्रचार के दौरान भी अपना काम जारी रखा। 1 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्होंने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में शामिल होकर उन्होंने राजनीति के सारे स्थापित समीकरणों को बदल दिया। ₹2,500 कमाने वाली एक साधारण घरेलू सहायिका से लेकर हर महीने करीब ₹1.5 लाख के वेतन-भत्तों वाली माननीय मंत्री बनने तक का उनका यह सफर जमीनी हकीकत और महिला सशक्तीकरण की एक बेहद प्रेरणादायक दास्तां है।
Kalita Majhi West Bengal Minister: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रहने वाली कलिता मांझी की कहानी कड़े संघर्ष और असाधारण सफलता की एक अनूठी मिसाल है। एक समय ऐसा था जब वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा लगाने और बर्तन मांजने का काम करती थीं, जिससे उन्हें महीने में महज ₹2,500 की मामूली कमाई होती थी। बेहद तंगहाली के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चुनाव प्रचार के दौरान भी अपना काम जारी रखा। 1 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्होंने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में शामिल होकर उन्होंने राजनीति के सारे स्थापित समीकरणों को बदल दिया। ₹2,500 कमाने वाली एक साधारण घरेलू सहायिका से लेकर हर महीने करीब ₹1.5 लाख के वेतन-भत्तों वाली माननीय मंत्री बनने तक का उनका यह सफर जमीनी हकीकत और महिला सशक्तीकरण की एक बेहद प्रेरणादायक दास्तां है।
