हुमायूं कबीर का बांग्लादेश से है कनेक्शन…बैंक खाते में आए करोड़ों रुपये? सामने आ गई असलियत
West Bengal News: हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' बनाने का ऐलान किया है, तभी से पश्चिम बंगाल की सियासत गरमाई हुई है। इस दौरान उनके बांग्लादेश से जुड़े होने और पैसे लेने के आरोप भी लगे।
- Written By: अभिषेक सिंह
हुमायूं कबीर (डिजाइन फोटो)
Humayun Kabir: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर एक मस्जिद की नींव रखी। उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रतीकात्मक रूप से रिबन काटा और नींव का पत्थर रखा।
पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर सीट से विधायक हैं। जब से उन्होंने मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने का ऐलान किया है, तभी से पश्चिम बंगाल की सियासत गरमाई हुई है। इस दौरान उनके बांग्लादेश से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए। कहा गया कि हुमायूं कबीर को बांग्लादेश से फंडिंग मिल रही है।
हुमायूं का बांग्लादेश से कनेक्शन?
इन आरोंपो पर अब हुमांयू कबीर ने खुलकर जवाब दिया है। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि मेरा बांग्लादेश से कोई कनेक्शन नहीं है। अगर कोई दावा करता है कि मेरे नाम पर पैसे भेजे गए, तो यह झूठ है। मुझे भी कोई पैसा नहीं मिला है।
सम्बंधित ख़बरें
बंगाल चुनाव: ममता की मुश्किलें बढ़ाने मैदान में उतरे राहुल गांधी, क्या पहुंचा पाएंगे TMC को नुकसान?
भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली की किल्लत, भारत में पहली बार 252.07 गीगावाट पहुंची डिमांड; टूटा पुराना रिकॉर्ड
टैरिफ नया खेल है…स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी चुनाव तक! पूर्व CJI DY चंद्रचूड़ ने बताए बड़े खतरे
‘देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई..’, RSS-BJP पर राहुल गांधी ने लगाया नफरत फैलाने का आरोप
Murshidabad, West Bengal: Suspended TMC MLA Humayun Kabir says, “I have no connection with Bangladesh… If anyone claims that money was sent in my name, that is false. I have not received any money either” pic.twitter.com/eawZFKlfDb — IANS (@ians_india) December 7, 2025
आखिर कौन हैं हुमायूं कबीर?
हुमायूं कबीर वर्तमान में भरतपुर से विधायक हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्टी से शुरू किया था और विधायक बने थे। इसके बाद वे टीएमसी में शामिल हो गए। जहां ममता बनर्जी ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया, लेकिन तीन साल के अंदर ही उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पार्टी से निकाल दिया गया।
भाजपा से लड़ा लोकसभा चुनाव
पार्टी से निकाले जाने के बाद साल 2018 में हुमायूं कबीर बीजेपी में शामिल हो गए। लोकप्रियता को देखते हुए हुमायूं कबीर को बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें मुर्शिदाबाद सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि इस चुनाव में उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और वो छठवें पायदान पर आए थे।
दोबारा टीएमसी में की वापसी
यही वजह है कि हुमायूं कबीर ज्यादा समय तक भाजपा में नहीं रहे। साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वह टीएमसी में वापस आए और भरतपुर सीट से विधायक बने। इस बार उनके बयानों से विवाद हुआ और पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया।
