

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार, 24 अक्टूबर को चक्रवात ‘दाना’ की स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने राज्य के निचले इलाकों में रहने वाले 3,56,941 लोगों की पहचान की है, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सीएम बनर्जी ने नागरिकों से अपील की है कि वे एहतियाती कदम उठाएं और प्रशासन के साथ सहयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 2,43,374 लोग राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वह बृहस्पतिवार रात भर राज्य सचिवालय में रहकर स्थिति की निगरानी करेंगी। मुख्य सचिव और गृह सचिव भी अपने-अपने स्थानों से हालात पर नजर रखेंगे और शुक्रवार सुबह फिर से संपर्क करेंगे।
ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की कि वे इस स्थिति में अफवाह न फैलाएं और दहशत से बचें। उन्होंने कहा कि निगरानी और सूचना साझा करने के लिए 24 घंटे और सातों दिन कार्यरत हेल्पलाइन और संबंधित फोन नंबर शुरू किए गए हैं। इसके अलावा, छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
बनर्जी ने कहा, "मैं आप सभी से सहयोग की अपेक्षा करती हूं। कृपया सतर्क रहें। अगर पुलिस या प्रशासन आपको किसी जगह को खाली करने के लिए कहता है, तो उनकी सलाह का पालन करें। कृपया पानी में न जाएं और अभी मछली पकड़ने से बचें।"
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि चक्रवात ‘दाना’ शुक्रवार तड़के ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच दस्तक दे सकता है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति लगभग 120 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है। चक्रवात के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है।
राज्य सरकार की इस तैयारियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत उपायों के तहत बनाए गए शिविरों के माध्यम से राज्य की सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इससे पहले की स्थिति को देखते हुए ममता बनर्जी का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।