'ममता बनर्जी की हिंदू विरोधी राजनीति के खिलाफ भगवा लहर', जहां 7 लोगों को उपद्रंवियों ने मारी थी गोली वहां रखी गई मंदिर की नींव

West Bengal: रामनवमी पर पूरे देश भगवान प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भक्ति और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में भी इस बार भाजपा इससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
'ममता बनर्जी की हिंदू विरोधी राजनीति के खिलाफ भगवा लहर', जहां 7 लोगों को उपद्रंवियों ने मारी थी गोली वहां रखी गई मंदिर की नींव
CM ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी
Published on
Updated on

नवभारत डेस्क: रामनवमी पर देश भर में भगवान प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भक्ति तथा उमंग के साथ मनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में भी इस बार रामनवमी लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़े। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल भगवामय नजर आ रहा है। भाजपा रामनवमी के मौके पर शक्ति प्रदर्शन कर रही है। BJP नेता सुवेंदु अधिकारी अपने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में राम मंदिर की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि पूरे बंगाल में हिंदु (Hindu) इस बार बंटने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भगवा लहर है. आज ममता बनर्जी की हिंदू विरोधी राजनीति के खिलाफ लहर है।

बता दें कि राम मंदिर की आधारशिला सोनाचूरा गांव में रखी गई, जहां छह जनवरी 2007 को स्थानीय प्रशासन के भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे कम से कम सात लोगों की उपद्रवियों द्वारा की गई गोलीबारी में जान चली गई थी। समर्थकों तथा भक्तों के ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के बीच अधिकारी ने मंदिर की नींव रखी।

5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती

राज्य भर में शोभायात्राओं का आयोजन हुआ, जिसमें लाखों श्रद्धालु ‘जय श्री राम’ के नारों और भगवा झंडों के साथ सड़कों पर उतरे। भक्ति संगीत और रामायण पर आधारित झांकियों ने माहौल को और भी भावविभोर बना दिया। अकेले कोलकाता में 60 से अधिक शोभायात्राओं की योजना थी, जिनमें सुरक्षा के मद्देनज़र 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

हिंदू संगठनों की सक्रियता

विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच सहित भाजपा से संबद्ध कई हिंदू संगठनों ने भी शोभायात्राओं का आयोजन किया है। इन आयोजनों में भारी संख्या में लोग जुटे और पूरे राज्य में रामभक्ति की झलक देखने को मिली। प्रशासन की सख्ती और सतर्कता के बीच पश्चिम बंगाल में रामनवमी का पर्व पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है। देश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

इस बीच राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर इस अवसर को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा रामनवमी को एक राजनीतिक आयोजन में बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वे विकास की राजनीति में नहीं हैं, बल्कि धर्म के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं और अशांति पैदा करना चाहते हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com