ममता के गढ़ फिर खिला कमल, BJP उम्मीदवार ने करीब 1 लाख वोटों से जीता चुनाव; TMC के जहांगीर खान की करारी हार

Falta Re-poll Result: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि एक ऐसा धोखेबाज जो अचानक कहीं से टपक पड़ा और खुद को ‘कमांडर’ कहने लगा, ऐसा कोई अपराध नहीं है जिसे इस ठग ने अंजाम न दिया हो।
suvendu adhikari reaction on bjp candidate victory in falta re-poll
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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BJP Candidate Won In Falta Re-poll: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने जीत हासिल कर ली है। यह वो सीट है जहां पहले टीएमसी का कब्जा था। लेकिन इस बार चुनाव में इतनी गड़बड़ी हुई कि पूरा मतदान रद्द करना पड़ा और दोबारा वोटिंग करानी पड़ी। दोबारा हुई वोटिंग की मतगणना में बीजेपी ने करीब 1 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। यह नतीजा पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और फाल्टा पुनर्मतदान में भाजपा की जीत पर जनता को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बदनाम ‘डायमंड हार्बर’ मॉडल अब ‘तृणमूल के नुकसान’ का मॉडल बन गया है।

सीएम सुवेदु ने लोगों का जताया आभार

मुख्यमंत्री सुवेंदु ने आगे कहा कि सबसे पहले मैं फाल्टा के लोगों, उस दिव्य जनता के सामने नतमस्तक होकर उन्हें प्रणाम करता हूं, जिन्होंने फल्टा पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्री देबांग्शु पांड्या को विधानसभा भेजने के लिए जोरदार जनादेश दिया। मैं फल्टा के मतदाताओं का विशेष रूप से आभारी हूं। मैंने उनसे अपील की थी कि वे भाजपा उम्मीदवार की जीत एक लाख वोटों के अंतर से सुनिश्चित करें, और जीत का अंतर एक लाख आठ हजार से भी ज्यादा हो गया है। हम विकास के जरिए इस कर्ज को चुकाएंगे। हम एक ‘स्वर्णिम फल्टा’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी जो सिद्धांतों और विचारधारा से पूरी तरह खाली थी, और जो एक ‘माफिया कंपनी’ में बदल चुकी थी, सत्ता गंवाने के बाद उसका असली कंकाल जैसा रूप सबके सामने आ गया है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके इस पार्टी ने जनता के पैसे को लूटा, लोगों की गाढ़ी कमाई को जबरदस्ती वसूला, और सिंडिकेट तथा धमकियों के माहौल के जरिए उस पर कब्जा कर लिया। इसके नेता तो पूरे राज्य को अपनी निजी जागीर समझने लगे थे।

बिना नाम लिए अभिषेक बनर्जी पर हमला

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि एक ऐसा धोखेबाज जो अचानक कहीं से टपक पड़ा और खुद को ‘कमांडर’ कहने लगा, ऐसा कोई अपराध नहीं है जिसे इस ठग ने अंजाम न दिया हो। अपना खुद का आपराधिक सिंडिकेट खड़ा करने के लिए ‘शेर की खाल ओढ़े इस बिल्ली’ ने लोकतंत्र का गला घोंटने में भी जरा भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की। नतीजतन, पिछले चुनाव को एक मजाक बनाकर तृणमूल ने इस विधानसभा क्षेत्र में डेढ़ लाख वोटों की बढ़त बना ली थी। 15 साल बाद जब लोगों को अपने मन से वोट डालने की आजादी वापस मिली, तब जाकर असली सच्चाई सामने आई।

यह तो अभी बस शुरुआत है- सीएम

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कहा कि यह तो अभी बस शुरुआत है। अब हमें ‘रिजेक्शन' की एक लंबी यात्रा तय करनी है। आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को चुनावों में ‘नोटा’ के खिलाफ एक कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस तो त्रिपुरा राज्य विधानसभा चुनावों में ‘नोटा’ से भी हार चुकी है। पश्चिम बंगाल की जनता आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में भी इस जोरदार मुकाबले को देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

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