

West Bengal Election 2026: बंगाल में चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का ताबड़तोड़ ऐक्शन जारी है। कोयला घोटाला मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास के ठिकानों पर छापा मारा है। जानकारी के अनुसार, ईडी ने केवल शांतनु विश्वास के घर ही नहीं, बल्कि बलयुगुंगे ऐंड सन एंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय कामदार के घर पर भी छापेमारी की। छापेमारी के दौरान शांतनु विश्वास के बेहाला स्थित आवास पर ताला लगा हुआ था, और अंदर कुत्ता मौजूद था, जिस कारण ईडी की टीम बाहर ही खड़ी रही।
कोयला तस्करी मामले में शांतनु विश्वास का नाम सामने आया था, जिसके बाद ईडी ने उन्हें तलब भी किया था। अब तक ईडी इस मामले में कम से कम 8 आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ कर चुका है।
इससे पहले भी ईडी ने इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी (IPAC) के ठिकानों पर छापेमारी की थी, और इसके को-फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। दिल्ली की अदालत ने विनेश चंदेल को 20 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। इस मामले में पुलकित जैन और प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन को भी दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया गया था। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। दो दिन पहले आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक देबाशीष कुमार के घर सहित पार्टी के अन्य नेताओं के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी की थी, जिससे विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया। देबाशीष कुमार रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग के अधिकारियों ने सुबह-सुबह दक्षिण कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित कुमार के आवास की तलाशी ली, जहां तृणमूल उम्मीदवार मौजूद थे। इसके अलावा उनके चुनावी कार्यालय और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित एक पार्टी कार्यालय में भी तलाशी ली गई। इसी दौरान आयकर विभाग की एक और टीम ने कालीघाट में तृणमूल नेता कुमार साहा के आवास की तलाशी ली।
आयकर विभाग की टीम ने स्थानीय तृणमूल नेता मिराज शाह के आवास पर भी छापेमारी की। मिराज शाह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावी प्रस्तावकों में से एक हैं। दिन के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों जैसे साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट पर भी आयकर विभाग की छापेमारी देखी गई। इन सभी कार्रवाईयों से चुनावी माहौल में और भी गरमाहट बढ़ने की संभावना है, और यह स्थिति राज्य में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।