

Humayun Kabir On West Bengal Police Summons: पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस समन मिलने के बाद उन्होंने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। हुमायूं कबीर ने कहा कि राजनीति में इस तरह की परिस्थितियां नई नहीं हैं और वे कानून का पूरा सम्मान करते हुए जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय पर रेजीनगर पुलिस स्टेशन पहुंचेंगे और यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत कोई कार्रवाई होती है तो उसका भी सामना करेंगे।
उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए कहा कि अतीत में भी उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए थे, लेकिन अदालतों ने सबूतों के अभाव में उन्हें राहत दी थी। इस बीच उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आएं और पूरी तरह शांति बनाए रखें। बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई में राजनीतिक प्रभाव देखने को मिलता है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
बता दें की हुमायूं कबीर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राजनीति में इस तरह की स्थितियां समय-समय पर आती रहती हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उनके खिलाफ भी पहले कई मामले दर्ज हुए थे, लेकिन अदालतों ने उन्हें क्लीन चिट दी, क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।
उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और वे कानून की प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, यदि किसी भी तरह की जांच या कार्रवाई होती है तो वे उसमें पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो वे उसका भी सामना करेंगे और कानून से भागने का कोई सवाल नहीं है।
हुमायूं कबीर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पूरी मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग शांत बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे पर प्रतिक्रिया न दें।
तो वहीं प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में हुमायूं कबीर ने कहा कि राज्य में कुछ जगहों पर प्रशासनिक कार्रवाई होती है, जबकि कुछ मामलों में राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में जो टीएमसी के विधायक गुंडागर्दी करते हैं, सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी मदद करती है।
हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि राज्य की सरकार उनकी पार्टी को कमजोर समझ रही है। टीएमसी के 80 विधायक चुनाव जीते थे, लेकिन भाजपा की वजह से उसमें फूट पड़ गई और अब सरकार बागी विधायकों को डायरेक्ट शेल्टर दे रही है। उन्होंने कहा कि पहले जो लोग उनके दुश्मन थे, आज उनके नजदीक आ गए हैं, लेकिन वोटर सब देख रहा है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।