

Abhishek Banerjee Airport Gun Incident: कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर एक व्यक्ति के हथियार के साथ पकड़े जाने की घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र के बाहर हथियारबंद व्यक्ति की मौजूदगी कई चिंताजनक सवाल खड़े करती है।
वहीं, टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया कि आरोपी को पार्टी कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया और इसे संभावित हमले की साजिश बताया। पार्टी ने घटना को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को निशाना बनाने की कोशिश करार दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के लिए दिल्ली गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने टीएमसी के बागी सांसदों के नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय को चुनौती दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना को मुख्यधारा के मीडिया के एक वर्ग ने पर्याप्त महत्व नहीं दिया। अभिषेक ने लिखा कि इस खबर को मीडिया में उचित कवरेज मिलने की संभावना कम है।
शनिवार को टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने भी आरोप लगाया कि शुक्रवार रात जब वह और अभिषेक बनर्जी एयरपोर्ट से बाहर निकल रहे थे, उसी समय एक भाजपा समर्थक कथित तौर पर बंदूक लेकर बाहर मौजूद था। डेरेक ओ'ब्रायन ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पार्टी समर्थकों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया। उन्होंने आशंका जताई कि यह अभिषेक बनर्जी की हत्या की कोशिश हो सकती है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "बंदूक के साथ भाजपा समर्थक। यह बेहद भयावह वीडियो है। कोलकाता एयरपोर्ट के बाहर की घटना के और सबूत सामने आए हैं। क्या यह हत्या की कोशिश थी?" एक अन्य पोस्ट में डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया कि टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि जब रात करीब 9:45 बजे वह, अभिषेक बनर्जी और अन्य नेता एयरपोर्ट से बाहर निकल रहे थे, तब हथियारबंद व्यक्ति वहां कैसे पहुंच गया।
टीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए वीडियो में कथित आरोपी को कुछ महिलाओं और अन्य लोगों द्वारा घेरकर पकड़े हुए देखा जा सकता है। शुक्रवार को टीएमसी ने इस घटना को "राज्य प्रायोजित तरीके से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की कोशिश" करार दिया और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।