4 तारीख के बाद डीजे बजेगा...चुनावी भाषण में धमकी देना अभिषेक बनर्जी को पड़ा भारी, शाह को दी थी चुनौती, FIR दर्ज

Abhishek Banerjee FIR: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भाषण में धमकी देना अभिषेक बनर्जी को भारी पड़ा है। साइबर पुलिस ने अब अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
abhishek banerjee fir
अभिषेक बनर्जी और अमित शाह (सौजन्य-IANS)
Published on: 
Updated on: 

Abhishek Banerjee FIR Controversy: तृणमूल कांग्रेस के नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें अब बढ़ गई है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गई है। चुनावों से पहले कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणियां करने और डीजे बजाने के संबंध में दिए गए बयानों को लेकर TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि यह FIR केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों से भी संबंधित है। एफआईआर के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 5 मई को बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज करायी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल से लेकर 3 मई के बीच अपनी चुनावी रैलियों के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भड़काऊ टिप्पणियां की थी।

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है।

राजीव सरकार ने पुलिस को दिए सबूत

राजीव सरकार की शिकायत में कहा गया कि चुनावी भाषणों के जरिए उन्होंने दुश्मनी को बढ़ावा दिया और सार्वजनिक शांति को भंग करने की कोशिश की। इसके साथ अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे-सीधे धमकी देने की बात कही। राजीव सरकार ने पुलिस को सबूत के तौर पर कुछ वीडियो लिंक भी सौंपे हैं।

बीएनएस की धारा के तहत FIR दर्ज

बागुईआटी थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने 15 मई दोपहर की दोपहर 2.45 बजे विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पर औपचारिक तौर पर एफआईआर दर्ज की गई। अभिषेक बनर्जी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के साथ-साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत FIR दर्ज किया गया।

भड़काऊ और डराने-धमकाने वाले भाषण

एफआईआर के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अपने चुनावी भाषणों में डराने और धमकाने वाली भड़काऊ सामग्री शामिल थी। उनके भाषण सार्वजनिक शांति को बिगाड़ने और सांप्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचा सकते थे। इसके साथ यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने विपक्ष के खिलाफ बेहद तीथी और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया था। इस मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। इस मामले को इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपा गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com