

Dharmendra Pradhan Tweet On Abhishek Banerjee: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध इस्तेमाल किए गए शब्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'सार्वजनिक रूप से दी गई खोखली धमकी' बताया, जो बढ़ती हताशा को उजागर करती है। उन्होंने आज सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट की।
आगे प्रधान ने लिखा कि इस तरह की भाषा केवल तृणमूल नेतृत्व के भीतर बढ़ती हताशा को उजागर करती है। जब चुनाव अभियान का जवाब धमकियों और सड़क स्तर पर उकसावे से दिया जाता है, तो यह ठीक उसी बात की पुष्टि करता है जो पश्चिम बंगाल के लोगों ने इस (तृणमूल कांग्रेस) शासन के तहत वर्षों से सहन किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकतंत्र, सुरक्षा और जवाबदेह शासन की बात की है। अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया एक बार फिर सार्वजनिक रूप से दी गई खोखली धमकी है। बंगाल को राजनीतिक चर्चा की जरूरत है, धमकियों की नहीं; नेतृत्व की जरूरत है, न कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया का समापन करते हुए कहा कि बंगाल की जनता सब कुछ बारीकी से देख रही है, और इस तरह का हर बयान भय की राजनीति को नकारने और लोकतांत्रिक परिवर्तन के लिए दृढ़ता से खड़े होने के उनके संकल्प को और मजबूत करता है।
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने दावा किया, मुझे पता चला है कि इन (भाजपा) गुंडों ने सबांग में तृणमूल कांग्रेस समर्थक साथी गोराई कुइला के घर में घुसकर उनकी दो साल की बेटी की मौजूदगी में उन्हें गाली दी और डराया-धमकाया। भाजपा, जो अहंकार में चूर है, यह मानती है कि गोलियां और आतंक से वो हासिल कर सकते हैं जो मतपत्र नहीं कर सकते।
बाद में, चुनाव जनादेश को एकदम कारगर उपाय बताते हुए अभिषेक बनर्जी ने चेतावनी दी कि इसका संचालन लोकतांत्रिक तरीके से, स्वयं जनता द्वारा किया जाएगा भाजपा नेताओं को 'बाहरी' बताते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने 'खुलेआम 'बांग्ला-बिरोधी बोहिरागोटो' (बंगाल विरोधी बाहरी लोगों) को चुनौती दी कि वे 4 मई को, जब यह होगा, बंगाल में मौजूद रहें।
एजेंसी इनपुट के साथ...