761453bb4d6a56407b68b452686d8860

सावन में भक्त काशी विश्वनाथ के शिवलिंग को क्यों नहीं छू सकते? जानिए वजह!

काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग छूने पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालु यहां दर्शन के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन तो कर सकेंगे, लेकिन उनके करीब जाकर उन्हें छू नहीं सकेंगे। जानते हैं इसके पीछे का कारण?
Published on
Updated on
a88ccf4c51cdc5ad43837ce021d99538
Photo: Twitter

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी स्थित विश्वनाथ का शिवलिंग बहुत महत्वपूर्ण है। काशी को बनारस और वाराणसी भी कहा जाता है।

dd9f4ea0edac119cd3da8f566f38387c
Photo: Twitter

यहां बाबा विश्वनाथ के दो मंदिर बेहद खास हैं। पहला विश्वनाथ मंदिर है जो 12 ज्योतिर्लिंगों में नौवां स्थान रखता है, जबकि दूसरे को नया विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है।

cfbe9e353fd11baf30c0dfb9bc52ce8e
Photo: Twitter

मान्यता है कि काशी नगरी देवाधिदेव महादेव के त्रिशूल पर बसी है।

2c9330796832e90535ff284666058dfc
Photo: Twitter

सावन आते ही देश-विदेश से लाखों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए काशी आते हैं।

ee569ec753d134375f6d85c04981d151
Photo: Twitter

इस बार 2 महीने तक चलने वाला सावन महीना होने के कारण शिवालयों में भक्तों की भीड़ रहेगी और इसी वजह से शिवालयों में दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

5646fef3f8e6f80f20eaa5920ff839a1 (1)
Photo: Twitter

वहीं, काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग को छूने पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालु यहां दर्शन के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन तो कर सकेंगे, लेकिन उनके करीब जाकर उन्हें छू नहीं सकेंगे।

30_06_2023-kashi_vishwanath
Photo: Twitter

दरअसल सावन का महीना 4 जुलाई से 2 महीने तक रहेगा। ऐसे में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने ये सख्त फैसला लिया है।

1ca3186c9f83018532f098f062e0fc91
Photo: Twitter

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 4 स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिसमें गर्भगृह का लाइव प्रसारण किया जाएगा।

8799aa2f5197b925726799cbab3144b0
Photo: Twitter

हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल अधिक मास लगने के कारण सावन का महीना 59 दिनों का होगा। 19 साल बाद सावन माह में विशेष संयोग बन रहा है।

bccd146af7204822d1860b0b758618ec
Photo: Twitter

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने सोमवार को VIP दर्शन पर भी रोक लगा दी है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने में कोई दिक्कत न हो।

c80536ec2dc91975beb5f13e7ab08520
Photo: Twitter

सावन माह में श्रद्धालु गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर रखे पात्र से ही जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सकेंगे।

169adce81b1864c87bcd2e216b34bb8c

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live
navbharatlive.com