सावन में जरूर करें महाराष्ट्र के इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों के दर्शन
महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में स्थित इन शिव मंदिरों की अपनी-अपनी खासियत और कहानी है। इन मंदिरों के दर्शन के बिना आपकी महाराष्ट्र यात्रा पूरी नहीं होगी।
त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। यह शिव मंदिर नासिक शहर से लगभग 28 किमी की दूरी पर स्थित है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर को इसलिए भी विशिष्ट माना जाता है, क्योंकि यह भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
कहा जाता है कि महर्षि गौतम की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवन शिव यहीं प्रकट हुए थे।
बाबुलनाथ मंदिर मुंबई में एक छोटी पहाड़ी पर स्थित है और इसे मुंबई के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है।
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन भगवान शिव के अलावा आप यहां गणेशजी, हनुमानजी और देवी पार्वती की मूर्तियां भी देख सकते हैं।
मंदिर की इमारत का निर्माण 18वीं शताब्दी के अंत में किया गया था। ।छोटा होने के बावजूद भी इस मंदिर में हर साल लाखों लोग दर्शन हेतु आते हैं।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर सह्याद्रि पहाड़ियों के घाट क्षेत्र में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर की तरह भीमाशंकर मंदिर भी भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एलोरा गुफाओं में स्थित कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट राजवंश के राजा कृष्ण प्रथम ने 756 और 773 ईस्वी के बीच करवाया था।
इस मंदिर की खासियत यह है कि इसे केवल एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है। यहां आने वाला हर शिवभक्त कैलाश शिव मंदिर को देखता ही रह जाता है।
अब जब भी आप महाराष्ट्र घूमने के लिए जाएं तो इन शिव मंदिरों में दर्शन अवश्य करें।
