फेस्टिव सीजन में बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा, फर्जी ऑफर, रिफंड और कैशबैक के नाम पर ठगी
एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी
फर्जी लिंक पर क्लिक करने या जल्दबाजी में पेमेंट करने से बैंकिंग और निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। Quick Heal की India Cyber Threat Report 2025 में 369.01 मिलियन मालवेयर डिटेक्शन दर्ज किए गए।
ऑफर का लिंक दिखे तो पहले रुकें
‘सिर्फ आज’, ‘लिमिटेड कैशबैक’ या ‘रिवॉर्ड क्लेम करें’ जैसे मैसेज देखकर तुरंत क्लिक न करें। अजीब URL, गलत स्पेलिंग और अनजान अटैचमेंट से सावधान रहें।
शॉपिंग के लिए लिंक नहीं, ऐप खोलें
फर्जी वेबसाइट असली ई-कॉमर्स साइट जैसी दिख सकती है। मैसेज में मिले लिंक से शॉपिंग करने के बजाय कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप खुद खोलकर ऑफर चेक करें।
UPI में जल्दबाजी बिल्कुल न करें
रिफंड, कैशबैक या इनाम के नाम पर ठग QR कोड स्कैन करवाने या पेमेंट अप्रूव करने के लिए कह सकते हैं। पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
पेमेंट से पहले ये जरूर देखें
UPI पेमेंट करते समय रिसीवर का नाम और रकम ध्यान से चेक करें। कोई अनजान व्यक्ति कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजे या QR स्कैन करने को कहे, तो पहले उसकी पुष्टि करें।
फर्जी कस्टमर केयर से रहें सावधान
‘पार्सल अटक गया’, ‘पेमेंट फेल हो गया’ या ‘रिफंड के लिए अकाउंट वेरिफाई करें’ जैसे मैसेज फिशिंग का हिस्सा हो सकते हैं। मैसेज में दिए नंबर पर कॉल करने के बजाय कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट से नंबर लें।
OTP और PIN किसी को न बताएं
बैंक अधिकारी, डिलीवरी एजेंट या कस्टमर केयर बनकर कोई फोन कर सकता है। OTP, UPI PIN, कार्ड PIN या बैंकिंग पासवर्ड कभी शेयर न करें। डराकर या जल्दबाजी में फैसला करवाने वालों से सावधान रहें।
त्योहार से पहले फोन भी करें सिक्योर
फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स अपडेट रखें। मजबूत स्क्रीन लॉक लगाएं और ऐप्स केवल ऑफिशियल ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। गैर-जरूरी ऐप्स हटाएं और ऐप परमिशन भी चेक करते रहें।
इन 5 बातों को हमेशा याद रखें
लिंक जांचें → ऑफिशियल ऐप/वेबसाइट खोलें → UPI में जल्दबाजी न करें → OTP/PIN शेयर न करें → फोन और ऐप्स अपडेट रखें। त्योहारों की खुशियों के बीच थोड़ी डिजिटल सावधानी आपको साइबर फ्रॉड से बचाने में मदद कर सकती है।
